पोस्टमार्टम रिपोर्र्ट से हुआ खुलासा, नहीं मिला दुष्कर्म का प्रमाण
पुलिस का दावा, ऑनर किलिंग है आयशा मर्डर केश
अबतक तमाम साक्ष्य परिजनों के खिलाफ
मोतिहारी : पलनवा के परसौना तपसी पंचायत की रहने वाली 16 वर्षीय आयशा की हत्या गला दबाकर की गयी थी. इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुआ है. पोस्टमार्टम के लिए गठित मेडिकल टीम द्वारा रिपोर्ट सौंपने के बाद आयशा हत्याकांड का मामला आइना की तरह साफ दिख रहा है. उसके परिजनों द्वारा आयशा के साथ बलात्कार कर मौत के घाट उतारने का दावा किया गया था, लेकिन सीमेन जांच व पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके साथ बलात्कार होने का कोई प्रमाण नहीं मिला है.
पुलिस आयशा मर्डर केश को पूरी तरह ऑनर किलिंग मान पांच बिंदुओं पर अनुसंधान शुरू कर दी है. आयशा मर्डर केश में अबतक तमाम सबूत उसके परिजनों के खिलाफ जा रहे हैं. पोस्मार्टम रिपोर्ट व सीमेन जांच रिपोर्ट में बलात्कार का प्रमाण नहीं मिलने के कारण अब आयशा के परिजन भी पुलिसिया जांच का केंद्र बिंदु बन गये हैं. तमाम साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद पुलिस दावा कर रही है कि आयशा की हत्या में उसके परिजनों का हाथ है.
हालांकि परिजनों द्वारा आरोपित किये गये लोगों को भी पुलिस क्लीनचिट नहीं दे रही. पुलिस का कहना है वैज्ञानिक पद्धति से अनुसंधान किया जा रहा है. बलात्कार व हत्या के नामजद अभियुक्तों के मोबाइल का डिटेल निकाला जा रहा है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि घटना के समय आरोपियों का मोबाइल टावर लोकेशन कहां था. बहरहाल पुलिस का कहना है कि मर्डर केश आइना की तरह साफ है. ठोस साक्ष्य के साथ हत्यारों को बेनकाब किया जायेगा.
परिजनों के बयान में विरोधाभास
जिस लड़की ने आयशा का शव देख उसके परिजनों को सूचना दी थी, उसके बयान व आयशा के परिजनों के बयान में विरोधाभास है. परिजनों ने पुलिस को बताया था कि लड़की ने सुबह में आकर आयशा का शव खेत में पड़े होने की सूचना दी, लेकिन पुलिस ने जब उस लड़की का बयान लिया तो उसने बताया कि रात में सूचना देने की बात कही है.
वहीं ग्रामीणों ने पुलिस को खबर किया था कि परिजन लड़की की हत्या कर शव को दफना रहे है. पुलिस पहुंची तो शव दफन हो चुका था. परिजनों ने बताया कि बीमारी से मौत हुई है. आनन-फानन में शव दफनाने व पुलिस के समक्ष तथ्यों को छुपाने के कारण परिजन संदेह के घेरे में फसते जा रहे है.
इन पांच बिंदुओं पर हो रही छानबीन
परिजनों द्वारा लड़की की हत्या कर शव को दफनाने की सूचना देने वाले ग्रामीणों से पूछताछ होगी. परिजनों ने बीमारी से मौत बताया तो फिर बलात्कार के बाद हत्या करने की प्राथमिकी क्यों दर्ज करायी. घटना के बाद पुलिस को सूचना दिये बना परिजनों ने आनन-फानन में शव को क्यों दफनाया.
शव देखने वाली लड़की और मृतका के बयान में अंतर पर छानबीन. परिजनों का कहना है कि आयशा के चिल्लाने पर वे लोग घटना स्थल पर दौड़ कर गये. ऐसे में परिजनों ने घटना को दबाने का प्रयास क्यों किया. आरोपित किये गये लोगों के मोबाइल का टावर लोकेशन की जांच पड़ताल भी की जा रही है.
क्या कहते हैं रक्सौल डीएसपी
रक्सौल डीएसपी राकेश कुमार ने कहा कि आयशा मर्डर केश ऑनर किलिंग है. अबतक तमाम सबूत उसके परिजनों के खिलाफ मिला है. परिजनों द्वारा आरोपित किये गये लोगों को भी क्लीनचिट नहीं दिया जा रहा है. परिजनों व आरोपियों के संबंध में पूरी जांच-पड़ताल की जा रही है. बहुत जल्द हत्यारों को पूरे साक्ष्य के साथ बेनकाब कर लिया जायेगा.
