मोतिहारी : मोतिहारी सदर अस्पताल में नशामुक्ति केंद्र खोलने की कवायद शुरू हो चुकी है. इसके लिए अस्पताल में आधारभूत संरचनाएं, मानव संसाधन, दवा, उपस्कर तथा निधी की व्यवस्था की जिम्मेवारी सिविल सर्जन ने जिला स्वास्थ्य प्रबंधक एवं अस्पताल प्रबंधक को सौंप दिया है. यहां तक कि इस क्रम में चिकित्सकों की भी प्रतिनियुक्ति कर दी गयी है. वार्ड का भी चयन कर लिया गया है. उसमें बेड भी लगा दिया गया है.
क्या है नशामुक्ति केंद्र: स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव आरके महाजन ने सभी जिला पदाधिकारी को नयी उत्पाद नीति 2015 के तहत राज्य में चरणबद्ध तरीके से मद्यपान निषेध लागू करने के लिए नशामुक्ति केंद्र खोलने का निर्देश प्राथमिकता के आधार पर दिया. यह वार्ड एक अप्रैल 2016 से क्रियाशील होगा, जिसमें नशे में धूत व्यक्तियों का चरणबद्ध तरीके से इलाज होगा. उन्हें नशा से मुक्त कराया जायेगा. यह केंद्र जिला पदाधिकारी के पूर्ण नियंत्रण में रहेगा.
10 बेड का होगा केंद्र : नशामुक्ति केंद्र सदर अस्पताल में कालाजार वार्ड के बगल में खुलेगा, जिसमें दस बेड रहेंगे. इसके लिए अलग बाहृय रोगी कक्ष, चिकित्सा कक्ष, स्टाप एवं नर्स की व्यवस्था रहेगी, जिसमें परामर्श कक्ष, भंडार कक्ष तथा उपचारार्थ आनेवाले व्यक्तियों के लिए अलग-अलग शौचालय, टेलीविजन, खेल की सामग्री मौजूद रहेगी.
15 कर्मचारी रहेंगे मौजूद : इस अस्पताल में दो चिकित्सक, तीन स्टाप-नर्स पुरुष, तीन वार्ड एटेंडेंट, एक लिपिक, एक डाटा इंट्री, दो परामर्शी तथा चार सुरक्षा गार्ड तैनात रहेंगे.
जिला मुख्यालयों को राशि आवंटित : नशामुक्ति वार्ड खोलने के लिए सरकार ने 20 लाख रुपये की राशि आवंटित कर दी है. इसके लिए दवा की खरीदारी एवं उपस्कर के खरीदारी का निर्देश भी दिया जा चुका है.
कहते हैं अधिकारी : नशामुक्ति वार्ड खोलने की सारी तैयारियां पूरी की जा रही है. दो चिकित्सक डाॅ अशोक कुमार देवकुलियार तथा डाॅ मनोज कुमार मिश्र की प्रतिनियुक्ति कर दी गयी है. दवा एवं उपस्कर की खरीदारी को ले शीघ्र निविदा निकाली जायेगी.
अमीत अचल, जिला स्वास्थ्य प्रबंधक, मोतिहारी, पूर्वी चंपारण
