सिविल सर्जन को बनाया गया नोडल अधिकारी
जांच के लिए 42 बिंदुओं पर भेजा गया प्रपत्र
रिपोर्ट के आधार पर कमियां होगी दूर
डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मियों पर भी कार्रवाई
प्राथमिक व रेफरल अस्पतालों की होगी जांच
मोतिहारी : प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति सुधारने के लिए मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने पूर्वी चंपारण जिला सहित सभी जिलों के सिविल सर्जन को आवश्यक दिशा -निर्देश दिया है. जिले के सिविल सर्जन को नोडल अधिकारी बनाया गया है.
विभाग ने सीएस को पीएचसी की हर महीने जांच के लिए 42 बिंदुओं का एक प्रोफार्मा भेजा है. जांच की रिपोर्टिंग उच्च अधिकारी को करनी है. रिपोर्ट के आधार पर कमी को दूर होगी. ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले डॉक्टर नर्स एवं स्वास्थ्य कर्मियों पर कार्रवाई होगी.
मुख्य सचिव द्वारा जारी किये गये निर्देश में कहा गया है स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, रेफरल अस्पताल एवं अनुमंडलीय अस्पताल तथा जिला अस्पताल के निरीक्षण के लिये अलग-अलग निरीक्षण प्रपत्र विकसित किये गये है जिसमें स्वास्थ्य संस्थानों द्वारा प्रदत की जा रही सुविधाओं एवं उनके कार्य -कलापोंं के जानकारी अंकित करनी है.
उपविकास आयुक्त, अपर समहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी प्रत्येक माह एक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण करेंगे तथा जिला के वरीय उप-समहर्ता प्रत्येक माह अपने प्रभार वाले प्रखंडों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, अनुमंडल अस्पतालों का निरीक्षण करेंगे.
साथ ही साथ जिला स्तर पर जिला पदाधिकारी के द्वारा संस्थाओं के निरीक्षण कार्य के पर्यवेक्षण के लिये प्रत्येक माह बैठक कर प्राप्त निरीक्षण प्रतिवेदन एवं इसके आलोक में की गयी कार्रवाई की समीक्षा की जायेगी तथा इस की एक प्रतिलिपि राज्य स्वास्थ्य समिति को भी भेजी जायेगी.
42 बिंदुओं पर होगी जांच
जिला के सदर अस्पताल, अनुमंडल अस्पताल, रेफरल अस्पताल, तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के स्वास्थ्य सुविधाओं, नाला की सफाई, पेयजल, शौचालय, बेड की सफाई, जेनेरेटर सुविधाएं, लेबर रूम, स्टॉफ रूम, नर्स रूम तथा उनके कार्यकलापों की जांच करेंगे.
