प्रभात खबर में छपी खबर को न्यायालय में प्रस्तुत की गयी थी
मोतिहारी : प्रथम सत्र न्यायालय के न्यायाधीश दयानंद प्रसाद ने गांजा तस्करी के एक मामले की सुनवायी करते हुए दो आरोपी को दोषी पाया है.
न्यायाधीश ने प्रत्येक दोषी आरोपितों को 15 -15 वर्षो की सश्रम करावास सहित विभिन्न धराओं में तीन-तीन लाख रुपये जुर्माना भरने का आदेश दिया है. जुर्माना नहीं देने पर एक वर्ष अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतने का आदेश दिया है.
विदित हो कि नौ सितंबर 2009 को रक्सौल कस्टम इंस्पेक्टर अशोक कुमार ने रक्सौल बॉर्डर के पास नेपाल से आ रहे एक टैंक लौरी डब्लयू बी 39-7736 को पकड़ा एवं तलाशी के दौरान बड़ी माता में 4468 किलो ग्राम गांजा बरामद किया, जिसके अधार पर कस्टम अधिकारी द्वारा कस्टम केश नंबर 86 रक्सौल 2009 एनडीपीएस का परिवाद पत्र मुजफ्फरपुर जिला सरैया थाना के गौरी जावान निवासी मोहमद फिरोज एवं पारो थाना के खरिहनिया निवासी मोहमद शमसुल के विरुद्ध दाखिल की गयी.
न्यायालय द्वारा एनडीपीएस केश ने 86/09 दर्ज कर आरोपित के विरुद्ध आरोप गठित कर मामले की सुनवायी की गयी.
जब्त टैंकर को न्यायालय ने भारत सरकार को निलाम करने का आदेश दे लिया है. अभियोजन पक्ष से विशेष लोक अभियोजक निर्मल कुमार ने 11 गवाहों को प्रस्तुत करते हुए पक्ष रखा.
दोनों पक्षों का दलीले सुनने के बाद न्यायालय ने उक्त फैसला सुनाया है. गौरतलब हो कि गांजा जब्ती की खबर दैनिक अखबार प्रभात खबर ने 10 सितंबर 2009 के पेपर में प्रमुखता से छापी थी जिसे अभ्यिोजन पक्ष ने न्यायालय में सबूत के तौर पर दाखिल किया है.
