मोतिहारी : कैसे होगी पढाई़ गरीबी बनी पढाई में बाधक दौड़ाने के बाद भी बैंक नहीं दे रही शिक्षा लोन आवेदनों को विभिन्न प्रकार के कारण बता छांट दिये जा रहे है़ बैंकों के साथ प्रशासनिक समीक्षा बैठक महज खानापूर्ति ही दिख रही है़
विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2015-16 में जिले के विभिन्न बैंकों के द्वारा 977 के बीच करीब 11 करोड़ शिक्षा ऋण देने के बजाय सितंबर तक मात्र 149 छात्रों के बीच ही शिक्षा ऋण देकर 96 प्रतिशत उपलब्धि का दावा किया जा रहा है़
कहा यह जा रहा है कि 165 छात्रों का ही सितंबर तक आवेदन मिला़ 159 स्वीकृत हुए़
इससे स्पष्ट होता है कि बैंक व प्रशासन द्वारा जागरूकता अभियान नहीं चलाया जा रहा है या आवेदन को कुछ कारण बता लेने से इनकार किया जा रहा है़ जैसा कि छात्र मनोज कुमार व संजय कहते है़ 149 छात्रों के बीच मात्र तीन करोड 70 लाख का वितरण हो पाया है़ परेशान छात्र लोन के लिए अपना माथा ठोक रहे है़
बैंक ऑफ इंडिया को नहीं मिला आवेदन : बैंक ऑफ इंडिया को 113 छात्रों के बीच शिक्षा ऋण वितरण करने का लक्ष्य दिया गया, लेकिन यहां एक भी आवेदन नहीं पड़े, जिसके कारण इनका अंक शून्य रहा़
गरीब व मेधावी छात्रों को शिक्षा के लिए दिया जाता है ऋण : गरीब एवं मेधावी छात्रों को यह ऋण दिया जाता है़ छात्रों के मैट्रिक, इंटर एवं ग्रेजुएशन तथा प्रतियोगी परीक्षा में परफॉरमेंस को देखते हुए यह ऋण दिया जाता है़
चार लाख तक के ऋण पर कोई गारंटर नहीं : चार लाख के शिक्षा ऋण पर बैंक कोई गारंटर नहीं लेती़ पांच लाख से 20 लाख तक के ऋण के लिए बैंक गारंटर लेती है़ भारत में उच्च शिक्षा के लिए दस लाख तथा विदेशी उच्च शिक्षा के लिए 20 लाख तक का ऋण देती है़
कौन कर सकता है शिक्षा ऋण के लिए आवेदन : कोई भी छात्र जो मेधावी एवं गरीब हो उसके अच्छे परफॉरमेंस हो वह किसी भी बैंक में आवेदन कर इसका लाभ उठा सकता है़
