मोतिहारी : काला रंग के नयी व बिना नंबर की पल्सर गाड़ी किसकी? एक, दो नहीं बल्कि 25 काला पल्सर और अधिकांश पर हथियारबंद नये उम्र के युवक? हर कोई परेशान है कि आखिर ये लोग कौन है़ं मामला इन दिनों नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सुर्खियों में है़ कोई कुछ खुल कर बोलने को तैयार नहीं है़
स्थानीय लोगों की माने तो सात दिसंबर की रात मलंग चौक मधुबन में एनएच 104 पर फेनहारा-शिवहर की ओर जाते देखा गया समूह में पल्सर गाड़ी को़ उसके बाद क्षेत्र में भी रंगदारी व अन्य अापराधिक घटनाओं में पल्सर का प्रयोग हो रहा है पुलिस कुछ दिन पूर्व में नक्सली व आजाद हिंद फौज गिरोह में टकराहट की आशंका व्यक्त कर चुका है़ नाम न छापने के शर्त पर एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि समूह में पल्सर बाइक भ्रमण की सूचना मिली है़ खोज में छापेमारी की जा रही है़
इधर सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एक अापराधिक संगठित गिरोह के द्वारा पल्सर बाइक का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिनके लिए फेनहारा, मधुबन और पताही के अलावे महज 10-15 किमी द्वारा शिवहर जिला के सीमावर्ती गांव सेफ जोन माने जाते है़ इन क्षेत्रों से शिवहर जाने के लिए कई रास्ते है, जिसके कारण ये लोग आसानी से पुलिस को चकमा दे रास्ता बदलकर कभी शिवहर तो कभी पूर्वी चंपारण के उल्लेखित थाना के गांवों में छिप जाते है़
मनकरवा के राजनंदन सहनी मुखिया से पांच लाख की रंगदारी व मधुबन-फेनहारा पथ में सड़क निर्माण कंपनी से 50 लाख की रंगदारी मांग इन अापराधिक संगठित गिरोह की करतूत है़ सड़क निर्माण का कार्य बंद है और काले रंग के पल्सर किसकी ? को लेकर चर्चाओं व भय का माहौल है़
एक संगठित अापराधिक गिरोह की करतूत हो सकती है़ इसके खिलाफ टीम गठित कर सूचना संग्रह की जा रही है़ मुख्ता सबूत मिलते सलाखों के अंदर किया जायेगा़ रंगदारी मांगनेवाले जेल जायेंगे़ बंद सड़क निर्माण कार्य शुरू होगा़
