मोतिहारी : अनुसंधानकर्ता चोरी की घटना के उद्भेदन में काफी लापरवाही बरते रहे है. यही कारण है कि शहर व आसपास के इलाकों में चोरी की घटना को अंजाम देने वाले गिरोह चिन्हित नहीं हो रहे. घटनाएं लगातार बढ रही है.
एसपी जितेंद्र राणा ने शुक्रवार को नगर थाना में दो माह अंदर चोरी की घटना की समीक्षा की तो अनुसंधानकार्ताओं की लापरवाही सामने आयी. दारोगा ओपी राम व सज्जाद गद्दी के पास चोरी की करीब 30-30 मामले लंबित है. उनके द्वारा अनुसंधान में काफी लापरवाही बरती गयी है. एसपी ने कहा कि दोनों अनुसंधानकर्ताओं से विभागीय कार्रवाई को लेकर स्पष्टीकरण पूछा गया है. जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर उनके विरुद्ध कार्रवाई होगी.
एसपी ने कहा कि चोरी रोकने के लिए सदर अनुमंडल क्षेत्र में दो माह के अंदर हुई चोरी की घटनाओं की समीक्षा की गयी है. सभी पदाधिकारियों को चोर गिरोह को चिन्हित करने का टास्क सौंपा गया है. उन्हें चोरी रोकने के लिए कुछ टिप्स भी दिये गये है.
मास्टर प्लान के तहत शहर व आसपास के इलाकों में पुलिसिंग होगी. पांच वर्षो के चोरी कांड में चार्जसीटेड बदमाशों की वर्ततान गतिविधि के बारे में पता लगाने का निर्देश दिया गया है. उनकी गतिविधि संदिग्ध है तो ठोस साक्ष्य एकत्र कर उनकी गिरफ्तारी करने या आत्म समर्पण के लिए दबाव बनाने का निर्देश दिया गया है. नया गिरोह भी चोरी की घटना को अंजाम दे सकता है.
इसके लिए सूचना तंत्र मजबूत कर बदमाशों के बारे में गोपनीय ढंग से पता लगा गिरफ्तारी का आदेश दिया गया है. एसपी ने कहा कि पुलिस के साथ-साथ आमलोगों को भी चोरी की घटना को लेकर सजग होना होगा. गृहस्वामी घर में ताला लगा बाहर जाते है तो कम से कम थाना में एक सूचना जरूर दे, ताकि पुलिस उनके घर पर नजर रख सके.
रेसिडेंसियर व कमर्शिलय इलाकों में नाइट पेट्रोलिंग को चुस्त-दुरूस्त किया जा रहा है. जीप व बाइक से पेट्रोलिंग तो होगी ही पैदल पेट्रोलिंग भी कराया जायेगा. सभी थानाध्यक्ष अपने इलाके में प्रत्येक दिन किसी एक जगह पर वाहन चेकिंग करेंगे. एसपी ने कहा कि जिस इलाके में सरकारी जमीन अतिक्रमण हुई है, उस इलाके में चोरी की घटना ज्यादा हो रही है. इस लिए अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया जा रहा है.
