कल्याणपुर : दूसरी बार चुनाव जीतने वाले भाजपा प्रत्याशी सचिंद्र प्रसाद सिंह वर्ष 1985 से 1989 तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेता रह चुके है. 1989 में लाल कृष्ण आडवाणी के सोमनाथ से अयोध्या रथ यात्रा में राम जन्म भूमि से जुड़े और भारतीय जनता पार्टी में काम करने लगे.
दो हजार से लेकर 2005 तक वकालत का काम किये. उसके बाद कल्याणपुर प्रखंड के प्रमुख बने. प्रमुख के पद पर तिन वर्ष ही रहे, उसके बाद पार्टी का भी काम करते रहे. भारतीय जनता पार्टी ने सचिंद्र सिंह को 2010 में केसरिया विस से एनडीए समर्थक भाजपा का उम्मीदवार घोषित किया और सचिंद्र सिंह ने पार्टी का आदेश मान कर विस के क्षेत्र के गांव-गांव में घुम-घुम कर पार्टी के संदेश पहुंचाये. और केसरिया में पार्टी का ध्वजा लहराया.
एनडीए से नीतीश कुमार के अलग होने के बाद कल्याणपुर से भारतीय जनता पार्टी ने अपने उम्मीदवार घोषित किया सचिंद्र सिंह ने सभी कार्यकर्ता से ताल मेल रखे जिसके कारण 9 प्रत्याशी को प्राजित कर जित हासिल की. सचिंद्र सिंह को नेताओं के साथ खेती पर भी विषेश नजर रखते है.
चुनाव के समय विधायक ने किया वादा
कल्याणपुर विधान सभा के क्षेत्रों में लोगों से सचिंद्र सिंह ने कहा की अगर हमको मौका मिलेगा तो हम विकास का काम जरूर करेंगे.
किसान हैं सचिंद्र के भाई: विधायक सचिंद्र प्रसाद सिंह के बड़े भाई गणेश सिंह खेती का काम करते है. सचिंद्र सिंह के दो लड़का रिषि शांडिल्य, रजनीश शांडिल्य व लड़की रिचा शांडिल्य व राजलक्ष्मी है.
सब को मिलेगा मान-सम्मान-सचिंद्र: कल्याणपुर के विजय भाजपा प्रत्याशी सचिंद्र प्रसाद सिंह ने कहा है कि अधूरे सड़क व पुल-पुलियों का निर्माण कर प्रत्येक गांव को जिला मुख्यालय से जोड़ने का काम प्राथमिकता के आधार पर होगा.
क्षेत्र के सभी लोगों को सम्मान दूंगा, सुख-दुख में भागीदार बनूंगा, जिस गांव में बिजली नही है वहां बिजली पहुंचाने का कार्य होगा. मैं कल्याणपुर का प्रमुख रह चुका है ऐसे में समस्या को जनता हूं, और उसके जड़ तक पहुंच कर समाधान करूंगा.
