सौ में से 80 बच्चे वायरल के शिकार

मोतिहारी : बदलते मौसम में ठंड जनित रोगों से विशेषकर बच्चे ज्यादा प्रभावित हो रहे है़ं डॉक्टरों की मानें तो सौ में से 80 बच्चे इस मौसम में वायरल के शिकार हो रहे है़ं सर्दी-जुकाम से शुरू होकर यह बाद के दिनों में निमोनिया का रूप धारण कर लेता है़ जो बच्चों के लिए खतरनाक […]

मोतिहारी : बदलते मौसम में ठंड जनित रोगों से विशेषकर बच्चे ज्यादा प्रभावित हो रहे है़ं डॉक्टरों की मानें तो सौ में से 80 बच्चे इस मौसम में वायरल के शिकार हो रहे है़ं सर्दी-जुकाम से शुरू होकर यह बाद के दिनों में निमोनिया का रूप धारण कर लेता है़ जो बच्चों के लिए खतरनाक हो सकता है़

इन दिनों वायरल के कारण सर्दी, खांसी, बुखार, दस्त, आंखों की बीमारी का प्रकोप बढ़ा है़ इस मौसम में बच्चे व वृद्ध को ठंड में सर्दी, बुखार के अलावे दम फूलना भी वायरल के लक्षण है़ सदर अस्पताल सहित विभिन्न अस्पतालों के भ्रमण में पाया गया कि बीमार भरती लोगों में ज्यादातर बच्चों की है़ कई जगह तो सड़क किनारे व क्लिनिक के बाहर खुले आसमान के नीचे इन पीड़ित बच्चों की चिकित्सा की जा रही है

डॉक्टरों की राय

बदलते मौसम में वायरल वायरस के कारण बच्चे बीमार पड़ते है़ यदि बच्चों में सर्दी, खांसी, बुखार हो तो परासिटामोल , कफ सीरप तथा दस्त होता है तो ओआरएस का घोल दे़ं यदि आंख की बीमारी हो तो जेनटामाइसीन आई ड्राप डालना लाभकारी होगा . यदि तीन दिनों के अंदर ठीक नहीं होते है तो डॉक्टरों से सलाह लें.

डाॅ विजय कुमार सिंह, शिशु रोग विशेषज्ञ

इन दिनों सर्दी, खांसी, बुखार से ग्रसित बच्चे अस्पताल में आ रहे है़ प्रत्येक दिन 30-40 बच्चे ऐसे देखने को मिल रहे है़ं उन्होंने इस बदलते मौसम में सर्दी, खांसी एवं बुखार आने पर पानी उबाल कर पिलाने की सलाह दी़ तेज बुखार होने पर पानी का पट्टी जरुर दें. बच्चों को मां का दूध जरुर पिलायें.

सिद्धार्थ शंकर, शिशु रोग विशेषज्ञ, सदर अस्पताल, मोतिहारी

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