नेपाली संविधान के विरोध में आर्थिक नाकेबंदी
रक्सौल : मधेशी आंदोलन के 42 वें दिन आंदोलनकारी नेपाल की आर्थिक नाकेबंदी के दूसरे दिन नो-मेंस लैंड पर डटे रहे. आंदोलनकारी टेंट व शामियाना लगा कर आंदोलन स्थल भारत-नेपाल मैत्री पुल पर जमे हैं.
गुरुवार को नेपाली सेना व पुलिस के जवान नो-मेंस लैंड को पार कर मधेशियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा और आंसू गैस के गोले दागे. शंकराचार्य गेट व भारतीय कस्टम के बीच लगभग 400 मीटर की दूरी है. गुरु वार को नेपाली सेना भारतीय कस्टम से 100 मीटर की दूरी पर पहुंच कर मधेशियों के आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रहे थे. नेपाली जवानों को शंकराचार्य गेट के उस पार रहने से मधेशियों का आंदोलन भयमुक्त व शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहा.
सीमा पार नहीं जा रहा सामान
शुक्रवार की सुबह भारतीय सीमा से कुछ छोटे व्यापारी टमटम पर लाद कर सब्जी नेपाल ले जाना चाह रहे थे, तो आंदोलनकारियों ने उन्हें रोक दिया. इसी तरह नेपाल की तरफ से रिक्शा व हरी मिर्च लादकर रक्सौल आ रहे व्यापारियों को वापस वीरगंज लौटा दिया गया. आंदोलनकारियों ने साइकिल पर सेब की पेटी लेकर जा रहे एक व्यापारी को भी लौटा दिया.
कोर्ट के आगे बम विस्फोट
जनकपुर. नेपाल के सिरहा जिला में कोर्ट परिसर के सामने गुरुवार की रात बम विस्फोट किया गया. इसमें व्यापारी कॉम्प्लेक्स सहित कई भवन क्षतिग्रस्त हो गये. हालांकि रात रहने के कारण कोर्ट परिसर खाली होने से किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं है, लेकिन इस विस्फोट से क्षेत्र में दहशत कायम है. अब तक किसी भी संगठन ने बम विस्फोट करने की जिम्मेदारी नहीं ली है.
