हरसिद्धि : नेपाल के भूकंप से आये यादवपूर पंचायत के गफुर मिया के पुत्र महबुब आलम 20 वर्ष व खलिल मियां 55 वर्ष ने बताया कि जब भूकंप आयी तो हम लोग सिलाई का काम कर रहे थे.
तभी आवाज के साथ आठ मंजिले इमारत पुरा हिलने लगा उपर से रेलिंग भी टूटने लगा हमलोग नीचे खुले बेसमेंट में काम करते थे इस लिए हम लोग सही सलामत भाग निकले और त्रिपुरेश्वर के रतना पार्क में जाकर खड़ा हो गए. हमने अपने आंखों से देखा कि लिफ्ट से नीचे आने वाले लगभग बारह तेरह व्यक्ति उसी में रह गये हम लोगों के पास न पैसा था न पानी और नाही खाना जिससे पुरा दिन और रात पार्क में गुजारा किया.
54 व्यक्ति रविवार को 50 हजार में बस भाड़ा कर नेपाल से आठ बजे रात्री में बीना खाये पिये घर रवाना हो गये. घर आया तो सभी परिजन देख कर रोने लगे और फिर काम पर न जाने की नसीहत देने लगे. वही खलिल मिया के 22 वर्षीय पुत्र नजामोदीन आलम काठमांडो में फंसा हुआ है.
आज सुबह वह अपने पिता और परिजनों से बात किया तो घर वालों को राहत मिली. पिता खलिल मिया सोमवार को घर आया और अपने परिजनों से मिलकर फिर बेटा की तलाश में रक्सौल निकल पड़े. नलामोदीन का परिजन खुदा से दुआ कर रहे है कि वह सलामत गांव वापस आये.
