मोतिहरी : रूक-रूक कर कांप रही धरती से पूरी आवाम दहशत में है़ भूकंप के झटकों ने लोगों के दिन का चैन व रातों की नींद हराम कर दी है़ खौफ के साये में रात सड़कों पर बीत रही है और दिन किसी अनहोनी की आशंका लिये कट रही है़
चारों तरफ दहशत ही दहशत है़ स्थिति ऐसी है कि अपना ही घर बेगाना लग रहा है़ घरों में जाने से लोग डर रहे हैं, कहीं भूकंप का झटका आये और घर गिर न जाय़े सलामती के लिए कोई राम के नाम का चाप करने में लगा है तो कोई अल्ला से दुआ मांग रहा है़
भूकंप के झटकों ने मजबूत इमारतों की नींव तो हिला ही दी, मौजूदा हालात में अमीरी, गरीबी, जात-पात व धर्म की दीवारें भी धराशायी हो चुकी हैं़ हर जुबान पर बस यही, भगवान सबको सलामत रख़े फिलहाल लोग सतर्क हैं, लेकिन थोड़ा-बहुत साहस जरूर आया है़ मानसिक तनाव कुछ कम है, लोग अपने दिनचर्या में लग गये हैं
बावजूद सड़कों पर सामान्य दिन की अपेक्षा लोगों की चहलकदमी व गाड़ियों के परिचालन में कमी है़ भूकंप से महिलाएं व बच्चे सबसे ज्यादा दहशतजदा है़
