रक्सौल : नेपाल के पोखरा से शुरू हुए भूकंप में 800 से अधिक लोगों के मारे जाने की खबर है. केवल काठमांडू में 400 से अधिक लोगों की मौत हुई है. हालांकि भूकंप का असर सीमाइ इलाकों में काफी कम हुआ है. पर्सा, रौतहट, मकवानपुर, बार आदि सीमाई जिले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है.
पाल के सीमावर्ती शहर वीरगंज, कलैया व इसके आस-पास के ग्रामीणों इलाकों में शनिवार को आये भूकंप का असर देखा गया है. वीरगंज के मीना बाजार के इलाकों में करीब एक दर्जन से अधिक घरों में क्षति देखी गयी है. वहीं कलैया में दो लोगों के घायल होने की सूचना है. इसी प्रकार सखुआ परसौनी, बेला, नगदाहा, गंडक बहुअरी के आदि के इलाकों में क्षति देखी गयी है. पर्सा जिला के डीएम केशव राज घिमरे राहत व बचाव कार्य के लिए खुद घूम-घूम कर लोगों से सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील करते रहे. नारायणी उपक्षेत्रीय अस्पताल में विशेष कैंप लगा कर मरीजों क इलाज किया जा रहा है. साथ ही कई स्वयं सेवी संस्थाओं के द्वारा राहत कैंप लगाये गये हैं.
सहयोग की पेशकश
एसएसबी 13 वीं बटालियन पिपराकोठी के कमांडेट राकेश सिन्हा ने पर्सा जिला के जिलाधिकारी केश्व राज घिमरे व एपीएफ एसपी भीम बहादुर थापा से दूरभाष पर बात कर सहयोग की पेशकश की.
उन्होंने कहा कि एसएसबी किसी भी परिस्थिति में पर्सा जिला में प्रभावित लोगों की मदद के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा कि डीएम केश्वर घिमरे ने कहा कि वीरगंज में 15 से 20 लोग घायल हैं. जिनके लिए राहत व बचाव का काम चल रहा है. फिलहाल मदद की आवश्यकता नहीं है. जरूरत पड़ने पर सहयोग लिया जायेगा.
जनजीवन अस्त-व्यस्त
छौड़ादानो. शनिवार की दोपहर तेज झटके के साथ आये भूकंप के कारण पूरे प्रखंड क्षेत्र में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया. भूकंप के झटके के साथ ही लोग अपने घरों से निकल कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे. भूकंप के कारण अंचल कार्यालय, नव निर्मित स्वास्थ्य केंद्र के भवन के साथ-साथ प्रखंड क्षेत्र के कई ग्रामीण इलाकों में घरों में दरार देखी गयी है.
मुआवजे की मांग
छौड़ादानो. राजद के प्रदेश महासचिव डॉ शमीम अहमद ने उत्तर भारत में हुए भूकंप को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की है.
साथ ही इससे प्रभावित लोगों को मुआवजा देने की मांग की है. उन्होंने कहा कि मृतकों को 5-5 लाख व घायलों को दो लाख का मुआवजा मिलना चाहिए.
