अंधराठाढ़ी : डीसीएलआर के आदेश पर मदना पंचायत के मैनी गांव में मंगलवार को परचाधरियों की भूमि से अतिक्रमण हटाने पहुंचे अंचल अधिकारी, कार्यपालक पदाधिकारी एवं पुलिस बल को बैरंग लौटना पड़ा. मालूम हो कि मदना पंचायत के मैनी गांव के 32 दलित महादलित को वर्ष 1986-87 में जोतसीम भूमि का परचा मिला था. तब से इनलोगों को उक्त भूखंड पर शांति पूर्वक दखल कब्जा कायम था.
भूस्वामी अलख कुमार मेहता को माननीय उच्च न्यायालय पटना से पारित आदेश के आलोक में डीसीएलआर झंझारपुर ने 38 परचाधारियों को अवैध दखल मानते हुए भूस्वामी को दखल दिहानी के लिए विगत 21 अप्रैल की तिथि मुकर्रर किया. मंगलवार को पुलिस बल के साथ दंडाधिकारी विवादित स्थल पर पहुंचे.
पदाधिकारियों के आते ही पूर्व से परचाधरियों ने सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. दिनभर मदना खोपा मार्ग में यातायात पूरी तरह से बाधित रहा. परचाधारियों के मुताबिक सरकार ने गरीब को परचा दिया है. विगत तीस वर्षो से उक्त भूमि को खेती लायक बनाकर जीवन यापन कर रहे हैं. जमीन मुक्त नहीं करेंगे.
