मोतिहारी : राजेपुर से गिरफ्तार सब जोनल कमांडर मुनचुन साह के निशाने पर मुजफ्फरपुर के एएसपी अभियान ब्रजेश राणा थे. उसने साहेबगंज में सड़क निर्माण कंपनी एसपी सिंघला के बेस कैंप पर हमला के बाद पुलिसिया कार्रवाई से आक्रोशित होकर एएसपी अभियान पर हमले का प्लान बनाया था.
इसके लिए उसने धमकी भी दी थी़
मुनचुन की गिरफ्तारी की खबर मिलने पर एएसपी अभियान राणा ब्रजेश ने मोतिहारी पहुंच कर घंटों पूछताछ की, उसके बाद रविवार को उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया़ मुनचुन ने पुलिस को बताया है कि नारायणपुर स्टेट के जुर्म के खिलाफ उसने2010 में हार्डकोर रामबाबू प्रसाद से संपर्क कर हथियार उठाया़ उसको संगठन में पहले परचा चिपकाने का काम दिया गया़ एक साल तक इलाके में परचा चिपकाता रहा, उसके
बाद संगठन का विश्वासी बन गया़ उसकी वफादारी को देखते हुए बड़ी-बड़ी बैठकों में शामिल किया जाने लगा़
2012 में मुजफ्फरपुर के मीनापुर में अवैध हथियार के साथ पहली बार धराया़ 2014 में जेल से छूटने पर उत्तर बिहार जोनल कमेटी के सचिव रामबाबू राम ने उसे सबजोनल कमांडर की जिम्मेवारी सौंप दी़ इतनी बड़ी जबावदेही मिलने के बाद मुनचुन अंडरग्राउंड होकर संगठन के लिए वॉर लेवल पर काम शुरू कर दिया़
मुनचुन के निशानदेही पर मिली थी एके-56
मधुबन. मुनचुन की निशानदेही पर दो साल पहले राजेपुर से एके-56 बरामद की गयी थी. इस दौरान इसराफिल व मुन्ना पकड़ाया था. इन दोनों को 14 साल की सजा हो चुकी है. राजेपुर थानाध्यक्ष राजीव कुमार रजक ने बताया कि मुनचुन की निशानदेही पर व बरामद महत्वपूर्ण नक्सली दस्तावेजों के आधार पर छापेमारी प्रारंभ कर दी गयी है़ नक्सली संगठन में मुनचुन अहम सदस्य था़ पूछताछ में खुले रहस्यों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है़ उसे पूर्वी चंपारण, मुजफ्फ रपुर, शिवहर व सीतामढ़ी का प्रभार मिला था.
