छह माह पूर्व भी हुआ था हमला

पहाड़पुर : पश्चिमी चंपारण के मझौलिया में मारा गया कुख्यात मनोज मिश्र पहाड़पुर के पंडितपुर गांव का रहने वाला है़ वह चार दिन पहले ही जेल से जमानत पर छूट कर आया था़ उसपर पूर्वी व पश्चिमी चंपारण के विभिन्न थाने में हत्या, रंगदारी व लूट के दर्जनों संगीन मामले दर्ज है़ं वह जेल में […]

पहाड़पुर : पश्चिमी चंपारण के मझौलिया में मारा गया कुख्यात मनोज मिश्र पहाड़पुर के पंडितपुर गांव का रहने वाला है़ वह चार दिन पहले ही जेल से जमानत पर छूट कर आया था़ उसपर पूर्वी व पश्चिमी चंपारण के विभिन्न थाने में हत्या, रंगदारी व लूट के दर्जनों संगीन मामले दर्ज है़ं
वह जेल में बंद कुख्यात बबलू दूबे का शार्गिद था़ उसके कहने पर बबलू ने पहाड़पुर के पंप मालिक कुमार मनीष से 20 लाख की रंगदारी मांगी थी़ इस मामले में मनोज जेल भी गया था़ एसपी सुनील कुमार ने बताया कि मनोज की हत्या गैंगवार का परिणाम लग रहा है़ गोली उसके सिर में मारी गयी है़ घटनास्थल पर जितना खून गिरा होना चाहिए उतना नहीं है, इससे लग रहा है कि उसकी हत्या किसी दूसरे जगह पर कर शव को करमावा गांव के पास फेंका गया है़ उन्होंने बताया कि पश्चिमी चंपारण की पुलिस मामले की तहकीकात कर रही है़ इधर, पहाड़पुर पुलिस को भी अपने स्तर से तहकीकात करने का निर्देश दिया गया है़
हत्या कर बनायी पहचान
मनोज का आपराधिक रिकॉर्ड बता रहा है कि उसने पश्चिमी चंपारण के राममूर्ति सिंह की हत्या अपराध जगत में कदम रखा था़ राममूर्ति की हत्या के बाद ही मनोज अचानक चर्चा में आ गया, इसके बाद उसके कदम अपराध के तरफ बढ़ते चले गय़े इस दौरान उसने कई आपराधिक गिरोह के लिए काम किया, जिसमें दर्जनों संगीन मामले उसके विरुद्घ दर्ज हुए़
कारबाइन से हुआ था हमला
मनोज की अदावत पड़ोसी गांव कुख्यात मुखी सहनी से थी़ आज से छह माह पहले बेतिया जाते समय नोनेया खापटोला के पास मनोज पर कारबाइन से कातिलाना हमला हुआ था़ उसके साथ बाइक पर उत्तरी नोनेया के पूर्व मुखिया स्व प्रेमलाल के पुत्र पीयूष श्रीवास्तव पर सवार था़ दोनों को गोली लगी थी़ इस मामले में मनोज के बयान पर राजू तिवारी, मुखी सहनी, अलाउद्दीन, लक्ष्मण, असेसर, चंदन, सूरज सहित नौ लोगों पर प्राथमिकी दर्ज हुई थी़
जेल से छूटने पर नहीं आया था घर
मनोज की हत्या की खबर मिलते ही उसके घर में कोहराम मच गया़ मां, पिता व भाई-बहन का रो-रो कर बुरा हाल था़ गांव के लोग उन्हें ढांढ़स बंधाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उनके आंखों से आंसू नहीं थम रही थी़ पिता सुदामा मिश्र ने बताया कि मनोज जेल से जमानत पर छूटने के बाद घर नहीं आया़ उन्होंने बताया कि पांच दिन पहले जमानत मिली थी़ वह अविवाहित था़

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