मोतिहारी : जैविक उर्वक योजना के तहत जिले में लगाये गये वर्मी यूनिट में खेल का खुलासा हुआ है़ वर्मी यूनिट लगाने में विभागीय निदेश की भारी अनदेखी की गयी है़ मामला सामने आने पर जिला कृषि पदाधिकारी मोहम्मद शकिल अंसारी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कोषागार से योजना की राशि की निकासी पर रोक लगा दी है और जांच का आदेश दिया है़
इस मामले के खुलासे के बाद जिला कृषि कार्यालय के कर्मियों में हड़कंप की मच गयी है़ जानकारी के मुताबिक जैविक उर्वरक योजना के लिए विभागीय स्तर पर यूनिट निर्माण के बाद केचुआ की खरीदारी करने के बाद ही सहयोग राशि का भुगतान करना था़
इसके लिए केचुआ की खरीदारी किसानों को स्वयं करने एवं कंपोस्ट उत्पादन शुरू करने पर जांच के बाद दूसरे किस्त की राशि दी जानी थी़ लेकिन कार्यालय के कर्मी इस खेल को किसानों पर दबाव बनाकर बखूबी अंजाम दे मलाई मार रहे थ़े इस खेल में किसानों पर दबाव बनाकर केचुआ की खरीदारी खास स्पलायर से कराना और इसके आड़ में यूनिट में केचुआ डालने के लिए किसानों को मिलने वाली दूसरे किस्त की सहयोग राशि का आपस में मिलकर हजम कर जाने का खेल चल रहा था़
जबकि विभागीय निदेश में केचुआ की खरीदारी किसान को स्वयं करने एवं कंपोस्ट उत्पादन शुरू होने पर जांच कर राशि का भुगतान करने का स्पष्ट आदेश है़ लेकिन तत्कालीन डीएओ सुधीर कुमार के कार्यकाल में पदाधिकारी एवं कर्मियों की मेलजोल से यह खेल बखूबी खेला जा रहा था़ मामला सामने आने पर विभागीय निदेश के आलोक में कार्य करने का निदेश देते हुए डीएओ श्री अंसारी ने जांच कर सहयोग राशि दिये जाने का आदेश दिया है़
जांच के लिए टीम गठित
जैविक यूनिट की जांच को लेकर जिला स्तर पर पदाधिकारियों की अलग-अलग टीम गठित की गयी है़
आत्मा परियोजना निदेशक लक्ष्मण प्रसाद,सहायक निदेशक उद्यान विपिन्न कुमार पोद्दार एवं अनुमंडल कृषि पदाधिकारी को जांच टीम का कमान सौंपा गया है़ बताया जाता है कि जिले के सभी प्रखंडों में वर्ष 2014-15 में लगाये गये वर्मी यूनिट की जांच होगी़ पदाधिकारियों के जांच रिपोर्ट सौंपने के बाद विभागीय दिशा निदेश में सहयोग राशि का भुगतान आरटीजीएस एवं एकाउंट पेयी चेक द्वारा किया जायेगा़
