मोतिहारी : मुजफ्फरपुर में हुआ गैंगवार मोतिहारी के मंटू शर्मा व आशुतोष पांडेय की हत्या का प्रतिशोध माना जा रहा है़
यह गैंगवार एक सप्ताह पहले मोतिहारी में होता, क्योंकि गैंगवार में मारे गये पकड़ीदयाल बडका गांव के रामप्रवेश की खोज में मुजफ्फरपुर के कुछ अपराधी एक सप्ताह पहले शहर में आये थ़े
पुलिस को बाहरी अपराधियों के आने की भनक लग गयी़ श्रीकृष्ण नगर व अगरवा मुहल्ला में छापेमारी भी हुई, लेकिन इससे पहले अपराधी जगह छोड़ चुके थ़े यही कारण है कि उस दिन मोतिहारी में गैंगवार का खतरा टल गया़ हालांकि मंटू शर्मा की हत्या का बदला लेने की कसम खाने वाले उसके करीबी लोगों से रामप्रवेश ज्यादा दिनों तक नहीं बच सका़ यहां की पुलिस भी कालीबाग गैंगवार को मंटू शर्मा की हत्या का प्रतिशोध मान रही है़
बताया जाता है कि मुजफ्फरपुर के शातिर अपराधी चुन्नु ठाकुर का सबसे निकटतम मंटू शर्मा था़ उसकी हत्या के बाद चुन्नु ठाकुर व उसके कारिंदे में बदले की आग सुलग रही थी़ उनके टारगेट लिस्ट में सबसे पहले नंबर पर रामप्रवेश था़ वह इसलिए कि मंटू की हत्या के ठीक एक महीना पहले रामप्रवेश ने उसके मोबाइल पर फोन कर सतर्क करते हुए कहा था कि तुम्हारी हत्या हो सकती है़
मंटू उसकी बातों को नसीहत नहीं धमकी मान कर पुलिस को मौखिक सूचना भी दिया था़ जाहिर सी बात है जब उसने पुलिस को बताया तो अपने विश्वासी लोगों से भी रामप्रवेश की धमकी का जिक्र किया होगा़
बहाना बनाकर ले गया था गाड़ी
रामप्रवेश जिस स्कार्पियो से मुजफ्फरपुर गया था, वह पकड़ीदयाल के कपड़ा व्यवसायी संजय जायसवाल की है़ व्यवसायी संजय के अनुसार, गाडी दीनानाथ चलाता था़ शनिवार को दीनानाथ ने कहा कि मेरा भाई छत से गिर गया है, गाडी लेकर उसे देखने जा रहा हूं सोमवार की रात मुजफ्फरपुर के मिठनपुरा थाना से फोन आने पर घटना की जानकारी हुई़
