गंडक बराज से एक लाख 20 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज

मोतिहारी : नेपाल के जलअधिग्रहित क्षेत्रो में मूसलधार 36 घंटे हुई बारिश के बाद पूर्वी चंपारण जिले की नदियों में उफान है. जल स्तर में लगातार वृद्धि हो रही है और उसका बहाव काफी तेज है. बुढ़ी गंडक,सिकराहना,बागमती सहित सभी नदियों में बाढ़ आने का खतरा मंडरा रहा है. वहीं गंडक बराज ने एक लाख […]

मोतिहारी : नेपाल के जलअधिग्रहित क्षेत्रो में मूसलधार 36 घंटे हुई बारिश के बाद पूर्वी चंपारण जिले की नदियों में उफान है. जल स्तर में लगातार वृद्धि हो रही है और उसका बहाव काफी तेज है. बुढ़ी गंडक,सिकराहना,बागमती सहित सभी नदियों में बाढ़ आने का खतरा मंडरा रहा है. वहीं गंडक बराज ने एक लाख 20 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज कर दिया है,जिससे बाढ़ आने की संभावना और बढ़ गयी है. इधर तटबंधों की चौकसी बढ़ा दी गयी है और विभागीय अभियंता उसकी निगरानी कर रहे हैं. बालू से बैग तटबंधों पर ले जाया गया है और जरूरत के अनूसार,उसका उपयोग किया जा रहा है.

जानकारी देते हुए बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण के अधीक्षण अभियंता जफर रशीद खां ने मंगलवार को बताया कि पानी का दबाव पड़ने वाले इलाकों को चिन्हित कर लिया गया है. बताया कि नेपाल के जल अधिग्रहित क्षेत्रों में 36 घंटे लागातार बारिश हुई है. बाढ़ की संभावना को देखते हुए डीएम रमन कुमार द्वारा अधिकारियों को हर हाल में मुख्यालय में रहने व अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष नजर रखने का आदेश दिया गया है. सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को सूचना तंत्र मजबूत रखने व हर तरह की संभावित परिस्थितियों से निबटने का सख्त निर्देश दिया गया है. खास कर चिह्नित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों जहां पूर्व से बाढ़ आती रही है,वहां नजर रखने को कहा गया है.

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