रूट वाले पीएचसी में काम करना चाहती हैं नर्सें

स्थानांतरण के बाद 90 प्रतिशत नर्स अवकाश पर मोतिहारी : पूर्वी चंपारण के चकिया, मेहसी, मधुबन, कल्याणपुर तथा केसरिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में पिछले सात-आठ वर्षो से एक ही जगह कई नर्सें जमी है. स्वास्थ्य मंत्री के दिये निर्देश के आलोक में डीएम रमण कुमार ने वर्षों से जो जमे नर्सो को स्थानांतरण का आदेश […]

स्थानांतरण के बाद 90 प्रतिशत नर्स अवकाश पर

मोतिहारी : पूर्वी चंपारण के चकिया, मेहसी, मधुबन, कल्याणपुर तथा केसरिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में पिछले सात-आठ वर्षो से एक ही जगह कई नर्सें जमी है. स्वास्थ्य मंत्री के दिये निर्देश के आलोक में डीएम रमण कुमार ने वर्षों से जो जमे नर्सो को स्थानांतरण का आदेश दिया. गत मार्च माह में इन नर्सों का स्थानांतरण कर दिया गया, लेकिन उनमें दस प्रतिशत नर्सों ने ही योगदान किया. शेष अवकाश पर चली गयी. जानकारी के अनुसार चकिया रेफरल अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, उपस्वास्थ्य केंद्रों पर सबसे अधिक नर्सें है. उसके बाद मेहसी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, मधुबन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, कल्याणपुर तथा केसरिया में है,
जहां स्ट्रेंथ 20 है. वहां 40-45 नर्से मौजूद है. बताया जाता है कि चकिया, मेहसी, मधुबन, केसरिया, कल्याणपुर में नर्स मुजफ्फरपुर से आती है. नर्सों का कहना है कि महिलाओं को ड्यूटी करने में आसान था. लेकिन स्थानांतरण कर परेशानी बढ़ गयी है. पूर्वी चंपारण में स्थायी तौर पर 265 नर्से है, जबकि कांटेक्ट पर 350 नर्से है. यानि 615 नर्सो में 10-15 प्रतिशत की काम पर लौटी है बाकी लंबी अवकाश पर है.
फिलहाल इन्हीं नर्सों से काम लिया जा रहा है. धीरे-धीरे सभी नर्सें ड्यूटी पर आ जायेगी.
डाॅ रवि प्रभारी सिविल सर्जन, मोतिहारी

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