मोतिहारी में सुशील मोदी पर मुकदमा

मोतिहारीः पूर्व उप मुख्यमंत्री सह भाजपा नेता सुशील मोदी अपने बयान को लेकर घिरते नजर आ रहे थे. नये मुख्यमंत्री जीतन राम माझी पर दिये बयान को लेकर उनके खिलाफ सीजेएम कोर्ट में मामला दर्ज कराया गया है. मामला तुरकौलिया के रहनेवाले जगजीवन पासवान ने कराया है. पूर्व सैनिक व कांग्रेस महादलित प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष […]

मोतिहारीः पूर्व उप मुख्यमंत्री सह भाजपा नेता सुशील मोदी अपने बयान को लेकर घिरते नजर आ रहे थे. नये मुख्यमंत्री जीतन राम माझी पर दिये बयान को लेकर उनके खिलाफ सीजेएम कोर्ट में मामला दर्ज कराया गया है. मामला तुरकौलिया के रहनेवाले जगजीवन पासवान ने कराया है.

पूर्व सैनिक व कांग्रेस महादलित प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष श्री पासवान लिखा है, श्री मोदी दलित-महादलित वर्ग के सभी लोगों की काबिलियत व बौद्धिक क्षमता का उपहास किया है. 20 मई को छपे सुशील कुमार मोदी के बयान को उद्धृत करते हुए कहा गया है कि श्री मोदी ने नीतीश कुमार द्वारा महादलित समुदाय के मुसहर जाति के जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री बनाये जाने की घोषणा पर सार्वजनिक रूप से कठपुतली तथा रिमोट से चलने वाला मुख्यमंत्री कहा. चूंकि वे महादलित समाज से आते हैं, इसलिए उनमें शासन व सरकार चलाने की काबिलियत नहीं है. श्री पासवान ने कहा, ऐसा वक्तव्य पढ़ कर मानसिक व भावनात्मक स्तर पर अपने को अपमानित समझा. इससे दलित महादलित समुदाय के सदस्यों को मानसिक पीड़ा व दु:ख हुआ है.

श्री मोदी के सार्वजनिक रूप से दिये बयान से सभी वर्गो में भी दलित-महादलित वर्ग के लोगों के बारे में गलत संदेश गया है. दर्ज मुकदमे में श्री पासवान ने गवाह के रूप में कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष मुनमुन जायसवाल, राजाबाजार निवासी वसीदुर्रहमान, चांदमारी निवासी विनय कुमार उपाध्याय, बेलबनवा निवासी डॉ अजरुन प्रसाद सिंह का नाम दिया है.

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