हिंसा के गवाह बने अहिंसा के पुजारी
100 वर्ष सत्याग्रह के बाद भी लोगों में हिंसा के भाव... मोतिहारी : अहिंसा की सफल प्रयोग स्थली चंपारण (मोतिहारी) में अपराधियों की गोली के तड़तड़ाहट के साथ शनिवार को हिंसा पर उतारू हो गये थे शहर के लोग. शहर के ज्ञान बाबू चौक स्थित राममनोहर लोहिया प्रतिमा के पास चाय दुकान पर कांग्रेस जायसवाल […]
100 वर्ष सत्याग्रह के बाद भी लोगों में हिंसा के भाव
मोतिहारी : अहिंसा की सफल प्रयोग स्थली चंपारण (मोतिहारी) में अपराधियों की गोली के तड़तड़ाहट के साथ शनिवार को हिंसा पर उतारू हो गये थे शहर के लोग. शहर के ज्ञान बाबू चौक स्थित राममनोहर लोहिया प्रतिमा के पास चाय दुकान पर कांग्रेस जायसवाल मुनमुन जायसवाल के पुत्र को बाइक सवार अपराधियों ने गोली मारी, जिसकी मौत इलाज के दौरान हो गयी. सदर अस्पताल पहुंच शव एंबुलेंस को लोग जबरन गांधी चौक लाये और चौक स्थित पुलिस पोस्ट घेरा को तोड़-फोड़ कर आगजनी की.
कई राहगीर को आक्रोश का सामना करना पड़ा. लोग पुलिस पर निष्क्रियता का आरोप लगा रहे थे. पास स्थित टावर पर स्थापित गांधी जी की प्रतिमा मानो सब कुछ देख यही कह रहे थे कि 100 वर्ष पूर्व जिस मिट्टी से बगैर लाठी-डंडा देश को आजादी मिली, फिर उसी मिट्टी में 100 वर्ष लोग लाठी-डंडा ले हिंसा पर क्यों उतारू हो रहे हैं. युवक की मौत अपराधियों की गोली से हुई.
कारण जो भी हो लेकिन इस तरह की घटना पर लगाम कब लगेगी. आक्रोश के लिए जिम्मेवार कौन? इस तरह के हिंसात्मक घटना पर लगाम के लिए पुलिस के साथ राजनेता व समाज के प्रबुद्ध लोगों को आगे आना होगा. तभी सत्याग्रह के 100 साल व अहिंसा आंदोलन की सार्थकता साबित होगी. घटना भी एक महापुरुष के प्रतिमा के पास घटी और आगजनी और तोड़फोड़ भी गांधी जी के प्रतिमा पर हुई.
दुखद घटना : प्रमोद
मोतिहारी. नगर भाजपा विधायक सह पर्यटन मंत्री प्रमोद कुमार ने शहर के ज्ञानबाबू चौक पर छोटू जायसवाल के साथ घटित घटना को दुखद बताते हुए कहा कि पुलिस अपराधियों को शीघ्र गिरफ्तार करें. उन्होंने परिवार के प्रति सहानुभूति व्यक्त करते हुए कहा कि पुलिस शहर के विभिन्न प्वाइंटों पर सुरक्षा के तहत गश्त बढ़ाये ताकि अपराधी सिर न उठा सके.
