रंगदारी मामले में कई नेता पुलिस के रडार पर

खुलासा. व्यवसायी से 50 हजार रंगदारी मैनेज कराये थे नेता जी पटना व कोलकाता में रह कर रंगदारी की मांग करता था कुख्यात शत्रुघ्न रंगदारी गिरोह में नेता के अलावा महिला की थी अहम भूमिका लखौरा, मलाही व सिरनी के छह व्यवसायियों ने कर लिया था मैनेज अरेराज : व्यवसायी से रंगदारी मांगने व नहीं […]

खुलासा. व्यवसायी से 50 हजार रंगदारी मैनेज कराये थे नेता जी

पटना व कोलकाता में रह कर रंगदारी की मांग करता था
कुख्यात शत्रुघ्न
रंगदारी गिरोह में नेता के अलावा महिला की थी अहम भूमिका
लखौरा, मलाही व सिरनी के छह व्यवसायियों ने कर लिया था मैनेज
अरेराज : व्यवसायी से रंगदारी मांगने व नहीं देने पर दहशत फैलाने के लिए हार्डवेयर व्यवसायी की दुकान पर कुकर बम रखने के मामले में कई कद्दावर राजनेता सहित व्यवसायी रडार पर हैं. इस कांड में शातिर अपराधी के सभी संबंधी सहयोगी थे ही साथ ही राजनेता से लेकर होमगार्ड जवान का भी संरक्षण प्राप्त था. रंगदारी मांगने से लेकर मैनेजिंग व सभी का संरक्षण नेता जी ही देते थे. शातिर अपराधी शत्रुघ्न पटना में बैठ रंगदारी मांगता था तो उसका भांजा उसी व्यवसायी से नेपाल में रहकर नेपाली नंबर से एसएमएस कर रंगदारी की मांग फोन व एसएमएस कर मांगता था.
मलाही थाना क्षेत्र के सिरनी के किराना व हार्डवेयर व्यवसायी से नेपाली नंबर व इंडियन नंबर से रंगदारी की मांग की गयी. नहीं देने पर जान मारने की धमकी दी गयी. किराना व्यवसायी तो नेता जी के माध्यम से रुपया देकर तो मैनेज हो गया.
डीएसपी नुरुल हक के नेतृत्व में बनी थी टीम : पहाड़पुर थानाध्यक्ष सीबी शुक्ला व संग्रामपुर थानाध्यक्ष चंदन कुमार ने व्यवसायी बनकर रंगदारी की राशि देने के नाम पर पटना से बुला कर नाटकीय ढंग से गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तारी के बाद पुलिस के समक्ष बताया कि उसको कई कद्दावर राजनेता व व्यवसायियों का संरक्षण प्राप्त था. इसके अलावा मलाही, सिरनी व लखौरा के कई व्यवसायियों से रंगदारी की मांग किया था, जिसमें आधा दर्जन व्यवसायी द्वारा राशि देकर मैनेज किया गया था.
कुकर बम नेता जी के आवास पर ही बंधता था
कुकर बम से डर कर व्यवसायी रंगदारी की राशि पहुंचा दे. नेता जी प्राप्त रंगदारी की राशि में अपना कमीशन काट कर शातिर अपराधी के छौड़ादानो निवासी बहनोई रामाशीष साह को भेजते थे. इधर पुरंदरपुर निवासी अंजय साह व एक महिला स्पाई का काम करती थी. पुलिस के सामने गिरफ्तार अपराधियों ने जो बताया उसमें अंजय व एक महिला पुलिस से लेकर व्यवसायियों की सूचना को शत्रुघ्न तक पहुंचती थी. रंगदारी मांगने के बाद उस व्यवसायी से मिल कर समझौता करने के लिए नेताजी व होमगार्ड के जवान तक पहुंचती थी.

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