सूरत-ए-हाल . चार हजार की जगह महज 875 लोगों को ही जोड़ा गय
ढाका (मोतिहारी) : नपं से नप बने ढाका में चार हजार घर के लोग रह गये प्यासे और कार्य एजेंसी को दे दिये गये आठ करोड़ 28 लाख. लोगों की कौन कहे खुद जलमीनार को भी पानी मयस्सर न हो सकी है और पूर्ण भुगतान के बाद नगर परिषद के अधिकारी कार्य एजेंसी के खिलाफ पत्राचाररूपी डंडा चला रहे है. मिली जानकारी के अनुसार ढाका नगर पंचायत (अब नप) क्षेत्र में दो जलमिनार की स्वीकृति मिली. जल मीनार से नगर पंचायत के वार्ड आठ से 18 वार्ड के प्रत्येक यानि करीब चार हजार घरों में पहुंचाने की योजना थी, ताकि लोगों को स्वच्छ ज ल मिल सके. कार्य की जिम्मेवारी बिहार राज्य जल पर्षद को मिली. इसके एवज में आठ करोड़ 28 लाख की स्वीकृति दी गयी.
कार्य एजेंसी द्वारा गुदरी बाजार (टीबी अस्पताल) और पुराना मवेशी अस्प्ताल के पास दो जल मिनार का निर्माण क्रमवार में पूरा कर लिया गया. विभाग की मानें तो अंडरग्राउंड पाइप बिछा करीब 875 घरों को कनेक्शन दिया. लेकिन नल से जल नहीं टपक रहा. लक्ष्य चार हजार घरों तक नल का जल पहुंचाने की थी. कार्य अप्रैल 2017 से बंद है और पूर्ण भुगतान भी कर दिया गया है. ऐसे यूं कहें कि कार्य एजेंसी पूर्ण भुगतान के बाद कार्य कर पायेगी. पूछने पर अधिकारी का कहना है कि विभागीय निर्देश के आलोक में पूर्ण भुगतान किया गया है. जबकि जानकार बताते है कि बगैर कार्य भुगतान नहीं किया जाता है. कार्य पूर्ण होने पर भुगतान भी किया जाता है तो कुछ राशि छह माह के लिए रोक ली जाती है ताकि कोई गड़बड़ी होने पर ठेकेदार पुन: कार्य कर सके.
