आधा दर्जन अपराधियों के घटना में शामिल होने की आशंका
मधुबन : कबाड़ व्यवसायी जगरनाथ भगत की हत्या की पीछे के पहलू का उद्भेदन पुलिस के लिये चुनौती है. फिलहाल पुलिस मामले में चोरी की सामान की खरीद बिक्री से जोड़ कर देख रही है. रात्रि में घटना स्थल मारवाड़ी धर्मशाला से चंद कदम की दूरी पर स्थित अजय केडिये के बगीचे में स्थित मंदिर परिसर से पुजारी के कमरे का ताला तोड़ कर चोरी हुई है. हालांकि, वहां चोरी की कोई बड़ी घटना नहीं प्रतित हो रही है. फिर भी पुलिस मामले का कनेक्शन जोड़ कर अपराधियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है.
इधर एफएसएल की टीम मुजफ्फरपुर से पहुंच कर घटनास्थल के एक-एक चीज की जांच शुरू कर दी है. जिससे अपराधियों की पहचान की जा सके. एफएसएल की टीम द्वारा घटना स्थल पर पड़े खून के धब्बे, कपड़े, हत्या में प्रयुक्त लोहे के बटखरे की जांच शुरू कर दी है. हत्या के बाद मृतक का शव उसके बिछावन पर ही पाया गया है.वार उसके मुंह पर की गयी है.अपराधी व चोर के बीच सामान की खरीद बिक्री की विवाद की भनक आसपास के घर वाले तक को नहीं लग पायी है. पुलिस लूटी गयी मोबाइल के आधार पर फिलहाल अपराधियों तक पहुंचने की जुगत में है.
तीन पुत्र व दो पुत्रियों के पिता थे जगरनाथ : जगरनाथ भगत को तीन पुत्र व दो बेटी है. वह बेटियों की शादी कर चुका है. दो बेटे गांव में ही रहते है. पत्नी राजकुमारी देवी घटना के बाद से बदहवास है. जिसका रो-रोकर बुरा हाल है.बड़ा बेटा नागेंद्र भगत, दूसरा योगेंद्र भगत व तीसरा दिनेश है. वही बेटियों में गीता व श्याम है. पहले मुजफ्फरपुर में रहकर कबाड़ का कारोबार करता था. पिछले करीब 10 साल से मधुबन में अपना कारोबार करने लगा. घटनास्थल पर एएसपी विजय कुमार, एसडीओ शैलेश कुमार, इंस्पेक्टर कन्हैया प्रसाद,थानाध्यक्ष संदीप कुमार, राजेपुर थानाध्यक्ष ललित कुमार, फेनहारा थानाध्यक्ष रोहित, दारोगा रघुनंदन राम, लक्ष्मण कुमार, सीबी पांडेय, कंचन सिंह, बीडी राम एसएन सिंह प्रभारी बीडीओ सह सीओ सुनील, तेतरिया सीओ चंद्रभान आदि मौजूद थे.
पत्नी व पुत्र के साथ रहता था धर्मशाला में : व्यवसायी कबाड़ का काम विगत 10 वर्षों से मधुबन में करता है. करीब आठ साल से धर्मशाला को भाड़े पर लेकर वह अपना व्यवसाय करता है, जिसके साथ उसकी पत्नी राजकुमारी देवी व पुत्र दिनेश कुमार रहता था. दिनेश ने बताया कि वह गांव में अपने खेत में रोपनी कराने के लिये अपनी मां के साथ घर गया था. सुबह में कबाड़ गांव से खरीद कर लाने वाला एक कबाड़ी ने ही घर जाकर उसे घटना की सूचना दी. जब वह आया तो उसके पिता का शव बिछावन पर पड़ा था.
