जीएसटी का किया विरोध

प्रदर्शन . दुकानें बंद रखीं, कहा प्रभावित होगा व्यापार रक्सौल : गुड‍्स एवं सेल्स टैक्स (जीएसटी) एक जुलाई से पूरे देश में लागू हो रहा है. इसके पूर्व ही इसका विरोध शुरू हो गया है. कपड़ा पर जीएसटी टैक्स लगाने के विरोध में बुधवार को स्थानीय कपड़ा व्यवसायियों ने दुकान बंद रख प्रदर्शन किया. व्यापारी […]

प्रदर्शन . दुकानें बंद रखीं, कहा प्रभावित होगा व्यापार

रक्सौल : गुड‍्स एवं सेल्स टैक्स (जीएसटी) एक जुलाई से पूरे देश में लागू हो रहा है. इसके पूर्व ही इसका विरोध शुरू हो गया है. कपड़ा पर जीएसटी टैक्स लगाने के विरोध में बुधवार को स्थानीय कपड़ा व्यवसायियों ने दुकान बंद रख प्रदर्शन किया. व्यापारी इस बात को लेकर आक्रोशित थे कि सरकार के द्वारा हर प्रकार के कपड़ा को टैक्स के दायरे में ला दिया गया है और इसका प्रोसेस काफी जटिल कर दिया गया है. जिससे व्यापारी अपने दुकान से अधिक कागजात पर ख्याल रखेगा.
इसी का व्यापारी विरोध कर रहे हैं. बुधवार को मेन रोड में दुकान बंद कर टैक्सटाइल चैंबर ऑफ कॉमर्स के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे कपड़ा व्यापारियों का कहना था कि जीएसटी से कागजी प्रक्रिया बहुत जटिल हो रही है. सरकार के इस नियम से छोटे व्यापारी की दुकान ही बंद हो जायेगी. व्यापार करने में काफी परेशानी होगी. बताया कि इसके लिए इसके संगठन की ओर से चरणबद्ध आंदोलन किया जायेगा.
टैक्सटाइल चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष अरुण कुमार गुप्ता ने बताया कि जीएसटी से व्यापारियों के साथ-साथ आम लोग भी प्रभावित होंगे. सरकार अंधा कानून जबरन बिना किसी तैयारी के लाद रही है. हमलोग आगे भी इसका विरोध जारी रखेंगे. विरोध-प्रदर्शन करनेवालों में संरक्षक शिवपूजन प्रसाद, महासचिव विमल रुंगटा, सचिव आलोक श्रीवास्तव, वस्त्र विक्रेता संघ के अध्यक्ष दिनेश धनौठिया, विश्वनाथ प्रसाद, राज कुमार गुप्ता, ध्रूव प्रसाद, जगदीश प्रसाद, राजेंद्र प्रसाद, बिट‍्टू कुमार, हरिपूजन प्रसाद, संतोष कुमार, देवेंद्र कुमार, राम कुमार, अनवारुल हक, नारायण प्रसाद, संतोष कुमार, दिनेश प्रसाद, प्रदीप प्रसाद, वीरेंद्र प्रसाद, सन्नी कुमार, चंद्रदेव यादव, विपिन कुमार सहित अन्य मौजूद थे.
ग्रामीण क्षेत्रों में भी असर
इधर, जीएसटी को लेकर रक्सौल बाजार में जहां दुकाने बंद रही. इसका असर ग्रामीण क्षेत्रों में भी देखने को मिला. रक्सौल से सटे बाजार भेलाही, आदापुर, पलनवा, रामगढ़वा, पखनहिया, छौड़ादानो में कपड़े की दुकाने बंद रही. यहां पर भी व्यवसायियों ने बंद रख जीएसटी टैक्स का विरोध किया और कपड़ा के ऊपर से जीएसटी टैक्स को वापस लेने की मांग की. वहीं शादी-विवाह के मौसम में कपड़े की दुकाने बंद रहने से जिनके घर में शादी है, वैसे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.

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