बक्सर में ट्रांसफॉर्मर पर काम करते समय करंट लगने से मिस्त्री की मौत, वाराणसी में इलाज के दौरान तोड़ा दम

बक्सर समाहरणालय परिसर में ट्रांसफॉर्मर की मरम्मत के दौरान करंट लगने से बिजली विभाग के मानव बल कर्मी की मौत हो गई. इस हादसे से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. मानव बल संघ ने विभागीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए उचित मुआवजे और नौकरी की मांग की है.

Buxar Electricity Worker Death : बक्सर समाहरणालय परिसर में ट्रांसफॉर्मर पर मरम्मत कार्य के दौरान करंट की चपेट में आए बिजली विभाग के मानव बल कर्मी की इलाज के दौरान वाराणसी में मौत हो गई. घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. मानव बल संघ ने हादसे के लिए विभागीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए मृतक के परिजनों को मुआवजा और नौकरी देने की मांग की है.

buxar news : मरम्मत के दौरान रिटर्निंग करंट की चपेट में आए कर्मी

जानकारी के अनुसार डुमरांव के कमल नगर पथ निवासी स्वर्गीय लक्ष्मण प्रसाद के 47 वर्षीय पुत्र मनोज कुमार बिजली विभाग के चरित्रवन वेस्ट फीडर में मानव बल कर्मी के रूप में कार्यरत थे. शनिवार दोपहर करीब एक बजे वह समाहरणालय परिसर स्थित ट्रांसफॉर्मर पर मरम्मत कार्य कर रहे थे. इसी दौरान अचानक रिटर्निंग करंट आने से वह गंभीर रूप से झुलस गए और ट्रांसफॉर्मर से नीचे गिर पड़े.

सदर अस्पताल से वाराणसी रेफर, इलाज के दौरान मौत

हादसे के तुरंत बाद सहकर्मियों ने मनोज कुमार को सदर अस्पताल, बक्सर पहुंचाया. प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए वाराणसी रेफर कर दिया. इलाज के दौरान शनिवार सुबह उनकी मौत हो गई. हादसे की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया.

परिवार का इकलौता सहारा छिनने से पसरा मातम

मृतक मनोज कुमार अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे. उनके निधन से पत्नी और दो पुत्रों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. घर में मातम पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. आसपास के लोगों ने भी घटना पर गहरा दुख जताया.

मानव बल संघ ने उठाई मुआवजा और नौकरी की मांग

मानव बल संघ के अध्यक्ष मोहम्मद असलम इराकी ने कहा कि मनोज कुमार कई वर्षों से बिजली विभाग में मानव बल कर्मी के रूप में सेवाएं दे रहे थे. उन्होंने सरकार से मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने और उनकी पत्नी को डुमरांव स्थित कॉल सेंटर में मानव बल के रूप में नौकरी देने की मांग की.

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

संघ के अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि विभाग के अधिकारियों को पहले भी बताया गया था कि एक ही इलाके में तीन-तीन बिजली फीडर होने से हमेशा हादसे का खतरा बना रहता है, लेकिन इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. उन्होंने यह भी कहा कि मानव बल कर्मियों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए जाते और दुर्घटना की स्थिति में आर्थिक सहायता भी नहीं मिलती, जिससे उनकी जान हमेशा जोखिम में रहती है.


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Author: Manish mishra

Published by: Vivek Singh

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