Buxar Weather Update: (आशुतोष कुमार सिंह) बक्सर जिले में गुरुवार की सुबह मौसम ने अचानक करवट ली. तेज आंधी-तूफान के साथ हुई मूसलाधार बारिश ने जहां लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत दिलाई. वहीं जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया. सुबह में शुरू हुई तेज हवाओं और बारिश का दौर लगभग दो घंटे तक जारी रहा. इस दौरान शहर से लेकर ग्रामीण इलाके तक बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई.
तापमान में भारी गिरावट, गर्मी से राहत
पिछले कई दिनों से 40 डिग्री के पार तापमान और लू की मार झेल रहे लोगों के लिए यह बारिश राहत लेकर आई. मौसम विभाग के अनुसार, बारिश के बाद अधिकतम तापमान में 6 डिग्री और न्यूनतम तापमान में 4 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई. अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया. जिससे सुबह का मौसम सुहावना हो गया.
बिजली व्यवस्था चरमराई, कई जगह फॉल्ट
आंधी-बारिश का सबसे ज्यादा असर बिजली व्यवस्था पर पड़ा. तेज हवाओं के कारण शहर से लेकर डुमरांव, सिमरी, इटाढ़ी और ब्रह्मपुर जैसे क्षेत्रों में कई बिजली के पोल और तार क्षतिग्रस्त हो गए. कई जगह ट्रांसफॉर्मर जल गए. एहतियात के तौर पर आंधी आने से पहले ही बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई थी. बिजली विभाग के एसडीओ ने बताया कि फॉल्ट को दुरुस्त करने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है. जल्द ही आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी.
सड़कों पर गिरे पेड़, यातायात हुआ बाधित
तेज आंधी के कारण बक्सर-पटना फोरलेन और बक्सर-चौसा मार्ग पर कई जगह बड़े पेड़ और डालियां टूटकर सड़क पर गिर गईं. बक्सर-पटना फोरलेन पर अर्जुनपुर मोड़ के पास पेड़ गिरने से आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया. स्थानीय प्रशासन और एनएचएआई की टीम ने जेसीबी की मदद से पेड़ों को हटाकर मार्ग को सुचारु कराया, तब जाकर यातायात सामान्य हो सका.
शहर बना तालाब, जलजमाव से परेशानी
मूसलाधार बारिश के कारण शहर के कई इलाके जलमग्न हो गए. ज्योति चौक, मेन रोड और स्टेशन रोड समेत निचले इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया. नालियों के जाम होने से गंदा पानी सड़कों और गलियों में फैल गया, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. इस स्थिति ने नगर परिषद की तैयारियों की पोल खोल दी, क्योंकि मानसून से पहले नालों की समुचित सफाई नहीं की जा सकी थी.
किसानों के लिए राहत भरी बारिश
जहां शहरी लोगों के लिए यह बारिश परेशानी का कारण बनी, वहीं किसानों के लिए यह राहत लेकर आई है. खरीफ सीजन की मुख्य फसल धान की बुवाई के लिए किसान लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे थे. बारिश से खेतों में नमी बढ़ी है, जिससे जुताई और बिचड़ा डालने का काम अब शुरू किया जा सकेगा. इससे किसानों में खुशी का माहौल है.
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