Buxar News : बक्सर में भगवान वामन के प्राकट्य दिवस वामन द्वादशी के अवसर पर आगामी 23 सितंबर को भगवान वामन चेतना मंच की ओर से भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी. रथयात्रा सुबह आठ बजे रामेश्वरनाथ मंदिर, रामरेखाघाट से शुरू होकर वामन मंदिर तक पहुंचेगी. इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान वामन के रथ की रज्जु थामकर श्रद्धा और भक्ति के साथ रथ को मंदिर तक ले जाएंगे.
पुरी की रथयात्रा की तर्ज पर दिखेगा आस्था का संगम
आयोजकों के अनुसार, बक्सर के वामनाश्रम में पुरी की भगवान जगन्नाथ रथयात्रा की तर्ज पर सामूहिक आस्था और भक्ति का दृश्य देखने को मिलेगा. श्रद्धालुओं का एक साथ भगवान वामन के रथ की रज्जु खींचना धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक बनेगा. रथयात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है.
राघव कुमार पाण्डेय को दिया गया आमंत्रण
रथयात्रा में शामिल होने के लिए भगवान वामन चेतना मंच के सदस्यों ने अधिवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता राघव कुमार पाण्डेय के आवास पर पहुंचकर उन्हें सादर आमंत्रित किया. आमंत्रण स्वीकार करते हुए पाण्डेय ने कहा कि भगवान वामन के प्राकट्य दिवस पर आयोजित यह आयोजन बक्सर की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा को मजबूत करने वाला है.
उन्होंने कहा कि बक्सर की धरती प्राचीन काल से धर्म, अध्यात्म और संस्कृति की समृद्ध परंपरा की साक्षी रही है. ऐसे आयोजन परंपराओं को जीवंत रखने के साथ नई पीढ़ी को सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का काम करते हैं. रथयात्रा समाज को एक सूत्र में जोड़ने का अवसर है और श्रद्धालुओं का एक साथ रथ की रज्जु थामना सामूहिक श्रद्धा, एकता और संस्कृति के प्रति सम्मान का संदेश देगा.
कांग्रेस नेता डॉ. सत्येंद्र ओझा को भी मिला निमंत्रण
भगवान वामन चेतना मंच की ओर से कांग्रेस नेता डॉ. सत्येंद्र ओझा को भी रथयात्रा में शामिल होने का आमंत्रण दिया गया. आमंत्रण स्वीकार करते हुए डॉ. ओझा ने आयोजन के प्रति शुभकामनाएं व्यक्त कीं और रथयात्रा की सफलता की कामना की. उन्होंने कहा कि बक्सर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने वाले ऐसे आयोजनों में समाज की व्यापक सहभागिता जरूरी है.
सामूहिक धार्मिक चेतना का उत्सव बनाने का उद्देश्य
आयोजकों ने बताया कि रथयात्रा किसी व्यक्ति या संस्था विशेष का आयोजन न होकर बक्सर की सनातन धार्मिक चेतना, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक गौरव का सामूहिक उत्सव बने, यही इसका उद्देश्य है. मंच की ओर से जिलेवासियों और श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में रथयात्रा में शामिल होने की अपील की गई है. आयोजकों ने श्रद्धालुओं से भगवान वामन का जयघोष करते हुए पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ रथयात्रा में सहभागी बनने तथा बक्सर की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा को आगे बढ़ाने में योगदान देने का आह्वान किया.
