लापता भाई-बहन के परिजनों से मिली एनजीओ की टीम

जस्टिस फॉर चिल्ड्रेन के समन्वयक द्वारा आरपीएफ बक्सर के इंस्पेक्टर कुंदन कुमार से वर्तमान स्थिति की जानकारी ली गयी.

बक्सर. शहर के नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत रामरेखा घाट वार्ड संख्या 15 स्थित महादलित बस्ती से लापता भाई-बहन के परिजनों से मिलने शनिवार को स्व. कन्हाई शुक्ला सामाजिक सेवा संस्थान बक्सर के समन्वयक अमिताभ गौतम, परामर्शी कंचन एवं सोशल वर्कर विकास पहुंचे थे. परिजनों से संपर्क कर टीम के सदस्यों ने जानकारी ली. जस्टिस फॉर चिल्ड्रेन के समन्वयक एवं चाइल्ड लाइन समन्वयक रीमा के समन्वय के द्वारा ऑल इंडिया चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 समूह एवं ऑल इंडिया एमवीएस चाइल्ड 1098 समूह में उक्त मुद्दे को अग्रसारित कर दिया गया. जस्टिस फॉर चिल्ड्रेन के समन्वयक द्वारा आरपीएफ बक्सर के इंस्पेक्टर कुंदन कुमार से वर्तमान स्थिति की जानकारी ली गयी. गौरतलब है कि किला के पास स्थित महादलित बस्ती से गायब होने वाले दोनों बच्चे अभी वापस नहीं लौटे हैं. इससे रोते-रोत बच्चों की मां गीता की तबीयत बिगड़ गयी है. जबकि भटकते बच्चों की बरामदगी की सूचना पर उसके अन्य परिजन कैमूर गये हुए हैं. इधर बच्चों की खोज में पुलिस की एक टीम पटना रवाना हुई है. एसपी द्वारा एसटीएफ गठित करने के बाद पुलिस की सक्रियता बढ़ गयी है.

महादलित बस्ती में रहने वाले आकाश डोम व गीता देवी की 13 वर्षीय पुत्री शीतल कुमारी व छह वर्षीय विकास कुमार परिजनों को कुछ भी बताये बिना चुपचाप 12 जनवरी की शाम अपने घर से निकल गये थे. इसके बाद वे वापस घर नहीं लौटे. इसके बाद उनके परिजन टाउन थाना में जाकर बच्चों के लापता की सूचना दिए. इस मामले में 17 जनवरी को प्राथमिकी दर्ज की गई थी. लेकिन पुलिस द्वारा इसे गंभीरता से नहीं लेने के कारण पीड़ित परिजन खुद ही अपने स्तर से खोजबीन कर रहे थे. प्रभात खबर में दोनों बच्चों के लापता का समाचार प्रकाशित होने के बाद पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य ने इसे काफी गंभीरता से लिया और सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी गौरव पांडेय की अगुवाई में एसटीएफ का गठन किया.

रेलवे स्टेशन के बाद नहीं मिल रहा सुराग : बक्सर रेलवे स्टेशन पर लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला गया. सदर एसडीपीओ की मौजूदगी व बच्चों के परिजनों ने प्लेटफॉर्म पर टहलते हुए दोनों बच्चों की पहचान की. फुटेज में दिख रहा है कि अपनी बहन के साथ विकास इधर-उधर भटक रहा है, लेकिन उनके किसी ट्रेन पर चढ़ने तथा स्टेशन से बाहर निकलने की कोई गतिविधि नहीं दिख रही है.

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By Amlesh prasad

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