डुमरांव. देश की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद रविकांत सिंह, आइपीएस की स्मृति में आयोजित होने वाला प्रतिष्ठित शहीद रविकांत सिंह अंतरराज्यीय क्रिकेट टूर्नामेंट इस वर्ष भी पूरे भव्यता और उत्साह के साथ आयोजित किया जायेगा. टूर्नामेंट का उद्घाटन 26 जनवरी, गणतंत्र दिवस के अवसर पर डुमरांव में किया जायेगा. इसको लेकर शनिवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता में आयोजन समिति के सदस्यों ने टूर्नामेंट से जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा की. प्रेस वार्ता में समिति के आयोजक नागेंद्र नाथ ओझा, संजय शर्मा, पूर्व खिलाड़ी मनोज जायसवाल सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे. आयोजन समिति ने बताया कि यह टूर्नामेंट केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि शहीद रविकांत सिंह को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित करने का एक सशक्त माध्यम है. हर वर्ष की तरह इस बार भी देश के विभिन्न राज्यों से कई टीमें भाग लेंगी, जिससे मुकाबले बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है. आईपीएल खिलाड़ी बिखेरेंगे जलवा : आयोजकों ने बताया कि इस वर्ष टूर्नामेंट की सबसे बड़ी खासियत आईपीएल खिलाड़ियों की भागीदारी है. टूर्नामेंट में आईपीएल खिलाड़ी दीपक पूनिया और राजस्थान आईपीएल टीम के खिलाड़ी ब्रजेश शर्मा मैदान पर अपना जलवा बिखेरेंगे. इन नामचीन खिलाड़ियों की मौजूदगी से जहां दर्शकों का उत्साह चरम पर रहेगा, वहीं स्थानीय खिलाड़ियों को भी उनसे सीखने का सुनहरा अवसर मिलेगा. टूर्नामेंट में अंतरराज्यीय टीमें लीग व नॉकआउट आधार पर मुकाबले खेलेंगी. आयोजन समिति ने स्पष्ट किया कि मैचों के दौरान खेल भावना, अनुशासन और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जायेगा. विजेता को 1.51 लाख, उपविजेता को 51 हजार नकद पुरस्कार : आयोजन समिति के अनुसार टूर्नामेंट की विजेता टीम को 1 लाख 51 हजार रुपये नकद, जबकि उपविजेता टीम को 51 हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जायेगी. इसके अतिरिक्त बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को व्यक्तिगत पुरस्कार और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया जायेगा. आयोजकों ने कहा कि आकर्षक पुरस्कार राशि और बेहतर आयोजन व्यवस्था के कारण इस टूर्नामेंट की पहचान अब राज्य स्तर से निकलकर अंतरराज्यीय स्तर तक बन चुकी है. प्रशासन का मिल रहा पूरा सहयोग : समिति के सदस्यों ने बताया कि टूर्नामेंट के सफल आयोजन को लेकर स्थानीय प्रशासन का भरपूर सहयोग मिल रहा है. एसडीएम राकेश कुमार, एसडीपीओ पोलस्त कुमार, बीडीओ संदीप पांडेय और ईओ राहुल धर दुबे सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने खेल मैदान का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं. प्रशासन की ओर से सुरक्षा, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर सकारात्मक सहयोग का भरोसा दिया गया है. देशभक्ति और खेल भावना को बढ़ावा देना : आयोजकों ने कहा कि डुमरांव की धरती पर हर वर्ष इस टूर्नामेंट का आयोजन वीर शहीदों की स्मृति को जीवंत रखने, युवाओं में देशभक्ति, अनुशासन और खेल भावना विकसित करने के उद्देश्य से किया जाता है. यह टूर्नामेंट आने वाली पीढ़ियों को शहीद रविकांत सिंह के साहस, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा से प्रेरणा लेने का संदेश देता है. कौन थे शहीद रविकांत सिंह : शहीद रविकांत सिंह बक्सर जिले के सिमरी प्रखंड अंतर्गत दुल्लहपुर गांव के निवासी थे. वे भारतीय पुलिस सेवा के एक अत्यंत साहसी और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी थे, जिन्हें लोग सम्मान से बिहार टाइगर के नाम से भी जानते थे. उन्होंने असम पुलिस में रहते हुए कट्टरपंथी और उग्रवादी संगठनों के खिलाफ कई अहम अभियानों का नेतृत्व किया. पुलिस बल और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए उन्होंने अनेक जोखिम भरे ऑपरेशनों में भाग लिया. वर्ष 1996 में असम के तीनसुकिया जिले में उग्रवादी संगठन यूनाइटेड लिब्रेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा) के खिलाफ चल रहे एक ऑपरेशन के दौरान वे मुठभेड़ में अपने साथियों के साथ वीरगति को प्राप्त हुए. देश की एकता और अखंडता की रक्षा करते हुए उन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया, जिसे आज भी पूरे सम्मान के साथ याद किया जाता है
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