Buxar News: जो उपलब्ध है उसका महत्व समझना चाहिए : योगी श्री शीलनाथ जी महाराज

पूजा का अर्थ सिर्फ लंबी आकांक्षा का होना नहीं चाहिए बल्कि जो प्राप्त है उसका महत्व लोगों को समझना चाहिए

बक्सर कोर्ट. पूजा का अर्थ सिर्फ लंबी आकांक्षा का होना नहीं चाहिए बल्कि जो प्राप्त है उसका महत्व लोगों को समझना चाहिए .वर्तमान समय में लोग अधिक से अधिक प्राप्त करने के लिए तनाव ग्रस्त हो जाते हैं कुछ लोग तो थोक में तनाव को संग्रहित कर लेते हैं जिससे उनका जीवन कष्ट में चला जाता है, जो प्राप्त है उसका महत्व समझना चाहिए, जैसे किसी सूर व्यक्ति को आंखें मिल जाए तो उसे ऐसा लगेगा की पूरी दुनिया प्राप्त हो गयी है. उक्त बातें महामंडलेश्वर पीठाधीश्वर आदिनाथ अखाड़ा योगी श्री शीलनाथ जी महाराज ने भभुवर शिव मंदिर में रुद्राभिषेक करने के बाद उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा. उन्होंने कहा कि जिस घर में सद्भावना और प्रेम रहता है वहां ईश्वर का स्थान बन जाता है,परिवार के लोग आपस में मिलजुल कर सद्भावना के साथ रहे, छोटी-छोटी बातों पर ध्यान नहीं देना चाहिए,निंदा करने से दूसरे का पाप गले पड़ जाता है ऐसे में निंदा और शिकायत से बचना चाहिए. इसके पूर्व धार्मिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया गया. इसके बाद महामंडलेश्वर ने नदाव एवं नुआव स्थित शिव मंदिर पहुंच पूजा अर्चना किए. बुधवार को गुप्ता धाम की यात्रा के बाद बृहस्पति एवं शुक्रवार को बक्सर स्थित गौरी शंकर मंदिर, वामन भगवान एवं रामेश्वर नाथ मंदिर में पूजा पूजन एवं रुद्राभिषेक किया जाएगा. बताते चलें कि विगत सोमवार को धार्मिक यात्रा की शुरुआत सिमरी शिव मंदिर, ब्रह्मपुर ब्रह्मेश्वर नाथ मंदिर के बाद पंचकोसी परिक्रमा की शुरुआत संबंधित अहिरौली स्थित अहिल्या माता मंदिर का दर्शन महाराज जी ने किया था. शिव मंदिरों की अवस्था की ली गई जानकारी महामंडलेश्वर योगी श्री शीलनाथ जी महाराज विगत सोमवार से आगामी शुक्रवार तक जिले के महत्वपूर्ण शिव मंदिरों का भ्रमण कर रहे हैं. पूरे सावन महीने चरित्रवन स्थिति गुरुदेव भगवान श्री नाथ बाबा मंदिर में स्थापित बाबा के भव्य मूर्ति के समक्ष स्थित शिवलिंग का रुद्राभिषेक के साथ-साथ मंदिर स्थित द्वादश ज्योतिर्लिंग का रुद्राभिषेक लगातार किया गया. अब जिले के शिव मंदिरों का पूजन एवं दर्शन के साथ-साथ मंदिर की अवस्था की जानकारी ली जा रही है. इस संबंध में योगी श्री शीलनाथ नाथ जी महाराज ने बताया कि कई मंदिरों के भवन के जीर्णोद्धार की आवश्यकता महसूस की गई है, साथ ही मंदिर के आसपास सफाई की व्यवस्था करना अति आवश्यक है . मंदिरों में शिव पार्वती की मूर्ति स्थापित करने से उसकी भव्यता और बढ़ जाएगी इस संबंध में शिव मंदिरों के बारे में जानकारी प्राप्त किया जा रहा है.

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By RAVIRANJAN KUMAR SINGH

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