Buxar News : अनुदानित गेहूं बीज नहीं हुआ अंकुरित, किसानों में नाराजगी, जांच के बाद विभाग करेगा कार्रवाई

जिले में कृषि विभाग द्वारा अनुदानित दर पर मुहैया कराये गये गेहूं बीज की बोआई के बाद अंकुरण न होने से किसानों में भारी चिंता और नाराजगी है.

बक्सर. जिले में कृषि विभाग द्वारा अनुदानित दर पर मुहैया कराये गये गेहूं बीज की बोआई के बाद अंकुरण न होने से किसानों में भारी चिंता और नाराजगी है. इस समस्या से प्रभावित किसानों का कहना है कि खेत परती पड़ गयी हैं और अब फसल की उपज को लेकर भी संदेह उत्पन्न हो गया है. मामला इटाढ़ी प्रखंड की बसांव कलां पंचायत के चमिला गांव के 11 किसानों से जुड़ा है, जिन्होंने इस संबंध में प्रखंड कृषि पदाधिकारी को आवेदन सौंपा है. किसानों के अनुसार उन्हें विभाग द्वारा अनुदानित दर पर 25 रुपये प्रति किलोग्राम गेहूं के बीज उपलब्ध कराये गये थे. उन्होंने खेत में बीज की बोआई की, ताकि अगली फसल की पैदावार अच्छी हो सके. लेकिन बोआई के 20-25 दिन बाद मात्र 20 प्रतिशत बीज ही अंकुरित हुआ. इससे किसानों का मेहनत बेकार गयी और वे ठगी का शिकार महसूस कर रहे हैं. किसानों ने बताया कि प्रत्येक ने 2500 रुपये प्रति क्विंटल की दर से दो-दो क्विंटल गेहूं बीज खरीदे थे, लेकिन खेत में अंकुरण बेहद कम हुआ. बीएओ से शिकायत करने पर विभाग का एक कर्मी खेत का मुआयना कर फोटो लेकर चला गया, लेकिन इसके बाद कोई कार्रवाई नहीं हुई. प्रभावित किसानों में अवधेश्वर मिश्र, अरुण कुमार सिंह और ललिता देवी शामिल हैं. किसानों ने कहा कि विभागीय उदासीनता से उनकी चिंता और बढ़ गई है. प्रखंड कृषि पदाधिकारी नेहा कुमार से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया. जिला कृषि पदाधिकारी धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के तहत अनुदानित दर पर बीज की आपूर्ति की जाती है. उन्होंने बताया कि बीज के अंकुरण न होने की शिकायत अब उनके संज्ञान में आयी है. उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मामले की जांच करायी जायेगी और किसानों की शिकायत का निवारण किया जायेगा. किसानों ने भी कहा कि दोहरी मार लगी है. पहले बीज और उर्वरक बेकार हो गये और अब फसल की उपज को लेकर अनिश्चितता है. उनका कहना है कि उचित और समय पर कार्रवाई न होने से उन्हें गंभीर आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है. ग्रामीण क्षेत्र में यह मुद्दा चिंता का विषय बन गया है और किसान अपने फसल और भविष्य की सुरक्षा के लिए विभाग से त्वरित समाधान की मांग कर रहे हैं. कुल मिलाकर जिले में अनुदानित बीज के अंकुरण में विफलता ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है और विभागीय जांच एवं शीघ्र कार्रवाई की आवश्यकता को उजागर किया है.

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By Shah abid hussain

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