Buxar News : गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर से सिमरी प्रखंड के दियारा इलाके में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. मंगलवार को नदी में उफान के बाद गंगौली, नियाजीपुर, राजापुर, श्रीकांत राय के डेरा, रामदास राय के डेरा सहित दर्जनों तटवर्ती गांवों में दहशत का माहौल है. स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने राहत और बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं.
गंगौली ढाला पहुंचकर एसडीओ ने लिया जायजा
बाढ़ की आशंका को देखते हुए डुमरांव एसडीओ राजीव कुमार मंगलवार को गंगौली ढाला पहुंचे और मौके पर स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर बाढ़ की स्थिति और संभावित समस्याओं की जानकारी ली. एसडीओ ने संबंधित अधिकारियों को लोगों की मदद के लिए हरसंभव तैयारी रखने का निर्देश दिया.
सामुदायिक किचन और मेडिकल टीम रहेगी तैयार
एसडीओ ने सीओ भगवती शंकर पाण्डेय को बाढ़ से निपटने की सभी तैयारियां पूरी रखने का निर्देश दिया. उन्होंने संभावित प्रभावित इलाकों में सामुदायिक किचन शुरू करने, पशुओं के लिए पर्याप्त चारा उपलब्ध कराने और सुरक्षित शरण स्थलों को चिन्हित करने को कहा. इसके साथ ही मेडिकल टीम को भी अलर्ट मोड में रखने का निर्देश दिया गया है.
बक्सर-कोइलवर तटबंध की 24 घंटे निगरानी
गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बक्सर-कोइलवर तटबंध की सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन सतर्क है. एसडीओ ने तटबंध की 24 घंटे निगरानी करने का निर्देश दिया है, ताकि कहीं से रिसाव या क्षति की स्थिति सामने आने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके.
6 नावों का परिचालन शुरू, ओवरलोडिंग पर सख्ती
दियारा क्षेत्र में आवागमन की समस्या को देखते हुए फिलहाल छह नावों का परिचालन शुरू किया गया है. एसडीओ ने बताया कि सभी नाविकों और गोताखोरों को लाइफ जैकेट उपलब्ध कराया गया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि नावों पर क्षमता से अधिक लोगों को बैठाने की अनुमति नहीं होगी. ओवरलोड नाव पकड़े जाने पर नाव मालिक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
बच्चों को नदी से दूर रखने की अपील
एसडीओ राजीव कुमार ने ग्रामीणों से सतर्क रहने और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान नहीं देने की अपील की. उन्होंने खासकर अभिभावकों से बच्चों को नदी और बाढ़ के पानी के पास नहीं जाने देने को कहा. प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जाएगा.
मौके पर सीओ भगवती शंकर पाण्डेय, गंगौली पंचायत के मुखिया समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे.
