राजपुर (बक्सर) से पंकज कमल की रिपोर्ट
Buxar CA News : चौसा प्रखंड के तिवाय गांव की बेटी सपना कुमारी ने ऑल इंडिया चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) परीक्षा में पहले ही प्रयास में पार्ट-1 और पार्ट-2 दोनों ग्रुप एक साथ पास कर सफलता हासिल की है. सपना की इस उपलब्धि पर क्षेत्र में खुशी की लहर है. शाक्य, मौर्य, कुशवाहा, सैनी कर्मचारी एवं पदाधिकारी संघ के प्रतिनिधियों ने उनके घर पहुंचकर सम्मानित किया.
संघर्षों के बीच सफलता की कहानी
सपना के पिता मधुसूदन सिंह इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी करने के बाद रोजगार की तलाश में दिल्ली चले गए थे. वहां वे कठिन परिस्थितियों में टैक्सी चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं.
आर्थिक चुनौतियों के बावजूद परिवार ने बच्चों की शिक्षा से कभी समझौता नहीं किया. सपना के बड़े भाई सचिन वर्तमान में नई दिल्ली में आईजीएल में इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं. अब सपना ने सीए बनकर परिवार और जिले का गौरव बढ़ाया है.
प्रतिदिन 8 से 10 घंटे तक पढ़ाई
सपना कुमारी ने बताया कि इस सफलता के लिए उन्होंने लगातार कड़ी मेहनत की. वे प्रतिदिन 8 से 10 घंटे पढ़ाई करती थीं. परीक्षा के अंतिम चार महीनों में उन्होंने खुद को पूरी तरह पढ़ाई के लिए समर्पित कर दिया था ताकि लक्ष्य से ध्यान न भटके.
उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और भाई के सहयोग, त्याग और प्रोत्साहन को दिया.
सम्मान समारोह में मिला अभिनंदन
सपना की सफलता पर तिवाय गांव में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अगुवाई संघ के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र प्रताप सिंह ने की. इस दौरान शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और समाज के गणमान्य लोगों ने सपना एवं उनके माता-पिता को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया और मिठाई खिलाकर बधाई दी.
वक्ताओं ने कहा कि सपना ने साबित कर दिया है कि मजबूत इरादे, मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर सीमित संसाधनों के बावजूद बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है.
बेटियों के लिए बनी प्रेरणा
सपना कुमारी की सफलता आज केवल तिवाय गांव या बक्सर जिले की उपलब्धि नहीं है, बल्कि पूरे बिहार की बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है. उनकी कहानी यह संदेश देती है कि कठिन परिस्थितियां सफलता की राह में बाधा नहीं, बल्कि संघर्ष को और मजबूत बनाने का माध्यम बन सकती हैं.
