Chausa Rural Talent Search Exam Held : राजपुर थाना क्षेत्र के चौसा प्रखंड से एक सकारात्मक और प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जहां गंगा आदर्श प्लस टू विद्यालय परिसर में ग्रामीण प्रतिभा को पहचान देने के उद्देश्य से एक विशेष परीक्षा का आयोजन किया गया. इस परीक्षा में क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने उत्साह के साथ भाग लिया. कार्यक्रम का आयोजन युवा शिक्षकों की टीम ने मिलकर किया, जिसका मकसद गांव के होनहार बच्चों को आगे लाना था.
इस आयोजन में सुबह से ही छात्रों की भीड़ देखने को मिली. अलग-अलग वर्ग के छात्रों ने परीक्षा में हिस्सा लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया. परीक्षा के दौरान विद्यालय परिसर में अनुशासन और उत्साह दोनों का माहौल बना रहा. शिक्षकों ने पूरी पारदर्शिता के साथ परीक्षा का संचालन कराया.
अलग-अलग वर्ग के मेधावी छात्र हुए सम्मानित
परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद सफल छात्रों को सम्मानित किया गया. वर्ग 6 में आदित्य कुमार, मोहम्मद औरंगजेब, रजनीश कुमार और सुभान अली ने सफलता हासिल की. वहीं वर्ग 7 में बादल कुमार, मंजिल पासवान, आनंद सिंह और खुशी कुमारी का नाम शामिल रहा.
वर्ग 8 में मनीष कुमार सिंह, रागिनी कुमारी, साहिल अख्तर, सैफ अंसारी और शाहिद अंसारी सफल हुए. इसी तरह वर्ग 9 में संगीता कुमारी, जागृति कुमारी, अर्चना कुमारी और पीयूष कुमार ने अपनी जगह बनाई. वर्ग 10 में अंशिका शर्मा, नंदनी कुमारी, तबरेज अंसारी, रोजी परवीन और साहिल अंसारी को सफलता मिली.
प्रखंड प्रमुख ने बढ़ाया हौसला
कार्यक्रम के दौरान चौसा प्रखंड प्रमुख ने सभी सफल छात्रों को सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, जरूरत है तो सिर्फ सही मंच और मार्गदर्शन की.
उन्होंने छात्रों को आगे भी इसी तरह मेहनत करने के लिए प्रेरित किया और कहा कि शिक्षा ही जीवन में सफलता का सबसे बड़ा आधार है.
शिक्षकों की पहल की सराहना
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में युवा शिक्षकों की अहम भूमिका रही. आयोजन से जुड़े राजेश राम, मोहम्मद शाहिद, धीरज कुमार, गुलाम अली और पंकज कुमार सहित कई लोगों ने मिलकर इसे सफल बनाया.
स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना की और कहा कि ऐसे आयोजन से गांव के बच्चों को आगे बढ़ने का मौका मिलता है. इससे न सिर्फ बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है बल्कि उनमें प्रतिस्पर्धा की भावना भी विकसित होती है.
आगे और बड़े आयोजन की तैयारी
आयोजकों ने बताया कि भविष्य में इस तरह के और बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि ज्यादा से ज्यादा छात्रों को इसका लाभ मिल सके. उनका कहना है कि ग्रामीण प्रतिभाओं को पहचान दिलाना ही उनका मुख्य उद्देश्य है.
इस तरह के प्रयासों से साफ है कि अगर सही दिशा और मंच मिले, तो गांव के बच्चे भी बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं. आने वाले समय में इस पहल का असर शिक्षा के क्षेत्र में और बेहतर रूप में देखने को मिल सकता है.
