buxar news : कोयला डंपिंग और लोडिंग से वातावरण में घुल रहा जहर : मोर्चा

buxar news : किसानों व मजदूरों की बैठक में चौसा थर्मल पावर प्लांट पर लगा गंभीर आरोप

buxar news : चौसा. प्रभावित किसान खेतिहर मजदूर मोर्चा के तत्वावधान में रविवार को पंचायत भवन, बनारपुर में किसान/मजदूरों की एक महत्वपूर्ण बैठक की गयी. शिवमूरत राजभर की अध्यक्षता तथा विजय नारायण राय के संचालन में आयोजित उक्त बैठक में मुख्य अतिथि भारतीय किसान यूनियन बिहार झारखंड प्रदेश अध्यक्ष दिनेश कुमार सिंह, बिहार राज्य दुग्ध उत्पादक संघ प्रदेश अध्यक्ष अशोक कुमार, जिला परिषद सदस्य पूजा कुमारी मौजूद रहीं. बैठक में जिला प्रशासन, एसटीपीएल कंपनी तथा वीडेक कमेटी की बैठक में उठे मुद्दों पर विस्तृत जानकारी साझा करते हुए एनएचएआइ-319ए में व्याप्त अनियमितताओं पर निंदा प्रकट की गयी. वक्ताओं ने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि चौसा थर्मल पावर प्लांट को बिना एफजीडी (Flue Gas Desulfurization) सिस्टम चालू किये ही शुरू कर दिया गया है. यह मशीन सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂) उत्सर्जन को नियंत्रित करने के लिए अनिवार्य है. लगभग 400 करोड़ की लागत से लगने वाला यह सिस्टम कंपनी द्वारा अब तक स्थापित नहीं किया गया, जिससे प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है. मल्टीकारगो टर्मिनल से कोयले से हो रहे प्रदूषण पर गंभीर चिंता व्यक्त की गयी. बिना राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) की अनुमति और नियमों का पालन किये बिना घनी आबादी के बीच मालगाड़ी से कोयले अनलोडिंग और डंपर में लोडिंग की जा रही है. कोयले से बिजली उत्पादन किया जा रहा है, जिससे आसपास के गांवों में दमा, टीबी और आंखों की बीमारियां तेजी से फैलने की आशंका जतायी जा रही है. एसटीपीएल कंपनी और उसकी सहयोगी कंपनी पावर मेक पर यह भी आरोप लगाया गया कि उन्होंने प्रभावित गांवों को नजरअंदाज कर बाहरी लोगों को घूस लेकर नौकरी दी जा रही है. किसानों और मजदूरों ने आरोप लगाया कि 2013 भूमि अधिग्रहण अधिनियम का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है. प्रभावित ग्रामीणों, मजदूरों और महिलाओं पर फर्जी मुकदमे थोपे गये हैं, जिससे उनके जीवन और आजीविका पर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है. इन सारी समस्याओं को नवनियुक्त जिलाधिकारी को अवगत कराकर निवेदन किया जायेगा कि तत्काल प्रभाव से कोई समाधान निकालें. अगर तत्काल समस्याओं का समाधान एक माह के अंदर नहीं होता है, तो कंपनी का सारा कार्य अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण बंद कराने पर बाध्य होंगे. इस दौरान किसान नेता रामप्रवेश सिंह यादव, मुखिया ममता देवी, नंदलाल सिंह, नरेंद्र तिवारी, शैलेश राय, ब्रजेश राय, अश्विनी चौबे, मुन्ना तिवारी, शिवदयाल सिंह, मेराज खान सहित बड़ी संख्या में किसान, बेरोजगार नौजवान, महिला मजदूर एवं एसटीपीएल परियोजना से प्रभावित स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे.

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Published by: Shailesh kumar

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