Buxar News: करोड़ रुपये खर्च कर बना पंचायत सरकार भवन, पर नहीं हो रहा इस्तेमाल

राज्य सरकार द्वारा पंचायतों में रहने वाले लोगों के सभी कार्य ससमय निष्पादित करने के उद्देश्य से ही पंचायत सरकार भवन का निर्माण कराया गया था.

धनसोई

. राज्य सरकार द्वारा पंचायतों में रहने वाले लोगों के सभी कार्य ससमय निष्पादित करने के उद्देश्य से ही पंचायत सरकार भवन का निर्माण कराया गया था.

लेकिन, सरकार की यह योजना धरातल पर पूरी तरह से सफल नहीं हो पा रही है. पंचायत सरकार भवन जिसे लोग बोलचाल की भाषा में पंचायत का सचिवालय भी कहते हैं. जहां पंचायत से संबंधित किसी भी कार्य के लिए ग्रामीणों को प्रखंड कार्यालय का चक्कर लगाने से छुटकारा मिल सकें. जनता को प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना, भूमि संबंधित दाखिल-खारिज, लगान रसीद समेत भूमि से संबंधित अन्य कार्य, विभिन्न पेंशन योजना, आय व जाति समेत अन्य प्रमाणपत्र के अलावा जन्म व मृत्यु प्रमाणपत्र समेत अन्य सुविधाएं पंचायत सरकार भवनों में ही ग्रामीणों को मिल जानी है. साथ ही उक्त भवन में पंचायत सचिव, पंचायत का मुखिया व सरपंच समेत अन्य जनप्रतिनिधियों व कर्मियों के बैठने के लिए कक्ष उपलब्ध है. इसके अलावा ग्राम कचहरी के लिए न्यायालय कक्ष, अभिलेखों के संरक्षण के लिए स्थान, स्टैंडिग कमेटी की बैठक के लिए हॉल, आम लोगों के लिए स्वागत कक्ष, कंप्यूटराईज्ड सेवा प्रदान करने के लिए सेवा केंद्र, पैंट्री एवं शौचालय के साथ अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं. इसके बावजूद सब केवल दिखावा बनकर रह गया है. लोग आज भी टकटकी लगाये बैठे हैं कि कब उन्हें प्रखंडों में चक्कर लगाने से छुटकारा मिल पायेगा. वहीं ग्रामीण सरोज सिंह, मनोज कुमार, संतोष कुशवाहा, आजादी सिंह ने पूछने पर बताया कि समहुता पंचायत पदस्थापित सचिव को प्रखंड से ही उन्हें छुट्टी नहीं है तो वे यहां कहां से आ पायेंगे. सिर्फ पूरे साल में तीन दिन ही इस भवन पर निर्वाचन जनप्रतिनिधि मुखिया, सरपंच, बीडीसी आते हैं, कर्मचारी को तो कभी देखा ही नहीं. वे दानापुर से आते है मुखिया के दरवाजे पर जाकर उनके लड़के से मिल कर चले जाते हैं. ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत सेवक की स्थायी प्रतिनियुक्त हैं. लेकिन पंचायत सरकार भवन में कार्य करना नहीं चाहते. इन्होंने यह भी कहा कि बैठक वगैरह के लिए झंडोत्तोलन के दिन ही सैकड़ों लोगों का हस्ताक्षर के लिया जाता है. ग्रामीणों का कहना था कि केवल दिखावा करने के लिए इतनी बड़ी राशि से भवन का निर्माण कराने का कोई औचित्य नहीं समझ में आता. वहीं बीडीओ सिद्धार्थ कुमार सिंह से पूछने पर बताया कि पंचायत सरकार भवन में कार्य नहीं करने वाले कर्मियों को चिन्हित कर विभागीय जांच कराया जाएगा. लापरवाही बरतने वाले कर्मियों पर कार्रवाई किया जाएगा. उन्होंने साफ कहा कि पंचायत के लोगों को प्रखंड कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़े और एक ही छत के नीचे उनका सारा कार्य निष्पादित हो जाये. इसी उद्देश्य को लेकर भवन का निर्माण किया गया है.

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