Buxar News : कृषि विभाग, बिहार सरकार की जैविक कॉरिडोर योजना के तहत मंगलवार को रविदास बाबा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के माध्यम से जगदीशपुर पंचायत में जैविक खेती विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया. इसमें किसानों को रासायनिक खाद और कीटनाशकों का विकल्प अपनाकर जैविक तरीके से खेती करने की जानकारी दी गयी.
वर्मी कम्पोस्ट से लेकर जीवामृत तक की दी जानकारी
सहायक तकनीकी प्रबंधक सह आईसीएस प्रबंधक विवेकानंद उपाध्याय ने किसानों को जैविक खेती के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि खेत की तैयारी के समय वर्मी कम्पोस्ट, घन जीवामृत और पीएसबी कल्चर का प्रयोग करना चाहिए. बुवाई के समय बीज शोधन के लिए बीजामृत का इस्तेमाल लाभदायक है.
कीट नियंत्रण में नीमास्त्र और ब्रह्मास्त्र का करें प्रयोग
उन्होंने बताया कि फसल की वानस्पतिक वृद्धि के समय जीवामृत, सहजन टॉनिक, उपलों से बने ह्यूमिक एसिड और दही के स्प्रे का उपयोग किया जा सकता है. वहीं रोग एवं कीट नियंत्रण के लिए ट्राइकोडर्मा, नीमास्त्र और ब्रह्मास्त्र जैसे जैविक उत्पादों का प्रयोग कर रासायनिक खाद और कीटनाशकों पर निर्भरता कम की जा सकती है.
किसानों को सिखायी गयी वर्मी कम्पोस्ट बनाने की विधि
कृषि समन्वयक सह प्रशिक्षक मृत्युंजय मिश्रा ने किसानों को वर्मी कम्पोस्ट तैयार करने की विधि बतायी. उन्होंने जैविक खेती में इस्तेमाल होने वाले विभिन्न देशी नुस्खों और प्राकृतिक तरीकों की भी विस्तार से जानकारी दी. किसानों को कम लागत में जैविक खेती अपनाने के तरीके बताए गये.
वर्मी वेड के लिए मिलेगा पांच हजार रुपये अनुदान
जिला कृषि कार्यालय से प्रखंड कृषि पदाधिकारी जैविक राजन शुक्ला ने बताया कि वर्तमान में कृषि विभाग के पोर्टल पर वर्मी वेड के लिए आवेदन की प्रक्रिया चल रही है. एक वर्मी वेड के निर्माण पर किसानों को पांच हजार रुपये का अनुदान दिया जायेगा. उन्होंने इच्छुक किसानों से जल्द आवेदन करने की अपील की.
जैविक उत्पादों के मिलेंगे बेहतर दाम
एफपीओ प्रबंधक राकेश शुक्ला ने कहा कि जैविक विधि से तैयार कृषि उत्पादों की बिक्री बाजार भाव से अधिक कीमत पर कराने का प्रयास किया जायेगा. इससे जैविक खेती करने वाले किसानों को उनकी मेहनत का उचित लाभ मिल सकेगा और उनकी आमदनी बढ़ाने में मदद मिलेगी.
कार्यक्रम में कृषि समन्वयक उमेश कुमार सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे.
