Buxar News: जिले के केसठ प्रखंड परिसर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित 'प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान' के तहत एक सराहनीय पहल की शुरुआत की गई है. प्रखंड के वरीय अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों ने आगे बढ़कर टीबी (क्षय रोग) से पीड़ित मरीजों को गोद (Adopt) लिया है.
अधिकारियों व स्वास्थ्य कर्मियों ने संकल्प लिया है कि अगले छह महीनों तक वे इन मरीजों को नियमित रूप से पौष्टिक आहार (Nutrition Basket) की पोटली उपलब्ध कराएंगे, ताकि मरीजों के पोषण स्तर में सुधार हो सके और वे शीघ्र अति शीघ्र स्वस्थ हो सकें.
केवल दवा नहीं, संतुलित आहार भी जरूरी: डॉ. विनय कुमार
पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विनय कुमार ने पोषण किट का वितरण करते हुए बताया कि टीबी संक्रमण के कारण मरीजों की शारीरिक रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) काफी कमजोर हो जाती है. ऐसे में केवल दवाइयों के सेवन से पूर्ण लाभ नहीं मिलता, बल्कि दवाओं के साथ-साथ संतुलित व प्रोटीन युक्त पौष्टिक आहार भी अत्यंत आवश्यक है.
डॉ. विनय कुमार की आम जनता से अपील
यदि किसी व्यक्ति को लगातार दो सप्ताह या उससे अधिक समय से खांसी, बलगम, हल्का बुखार या वजन घटने की शिकायत हो, तो वे तुरंत नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जाकर नि:शुल्क टीबी जांच कराएं, समय पर पहचान और नियमित इलाज से टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है.- डॉ. विनय कुमार, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, पीएचसी
मौके पर प्रखंड व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी रहे मौजूद
टीबी मरीजों को पोषण किट वितरित करने और गोद लेने के इस कार्यक्रम में प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) विजय कुमार सौरभ, अंचलाधिकारी (CO) अभिषेक गर्ग, डीसीएम अभिषेक कुमार, प्रखंड लेखापाल चंदन कुमार सहित पीएचसी के कई अन्य स्वास्थ्यकर्मी व गणमान्य लोग उपस्थित रहे.
