बक्सर में मनरेगा और वीबी-जी राम-जी योजना के तहत मजदूरों की उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठे हैं. एनएमएमएस ऐप से मजदूरों की हाजिरी दर्ज करते समय उनकी फोटो फिर से ऑनलाइन प्रदर्शित करने की मांग की गयी है.
पहले हाजिरी के साथ दिखती थी मजदूरों की फोटो
इस संबंध में भेजे गये आवेदन में कहा गया है कि पहले एनएमएमएस ऐप के माध्यम से मजदूरों की उपस्थिति दर्ज करते समय उनकी फोटो भी प्रदर्शित होती थी. इससे कार्यस्थल पर मौजूद वास्तविक मजदूरों की पहचान और सत्यापन करना आसान था. लेकिन जुलाई माह से वीबी-जी राम-जी की नई वेबसाइट विकसित होने के बाद उपस्थित मजदूरों की फोटो प्रदर्शित नहीं हो रही है.
फोटो नहीं दिखने से सत्यापन में परेशानी
आवेदन में कहा गया है कि मजदूरों की फोटो ऑनलाइन नहीं दिखने से उनकी उपस्थिति का सत्यापन करने में कठिनाई हो रही है. इससे मनरेगा कार्यों में पारदर्शिता प्रभावित होने की आशंका जतायी गयी है. फोटो के माध्यम से कार्यस्थल पर मजदूरों की वास्तविक मौजूदगी की निगरानी आसान होती थी.
फर्जी फोटो से हाजिरी दर्ज करने की शिकायत
आवेदन में पूर्व में सामने आयी शिकायतों का भी उल्लेख किया गया है. इसमें कहा गया है कि कई स्थानों पर वास्तविक मजदूरों के बदले फोटो-टू-फोटो, टीवी या मोबाइल स्क्रीन से ली गयी तस्वीर, बच्चों की तस्वीर या अन्य माध्यमों से कथित तौर पर फर्जी फोटो अपलोड कर उपस्थिति दर्ज करने की शिकायतें मिली थीं.
फोटो से अनियमितताओं की पहचान में मिलती थी मदद
आवेदन में कहा गया है कि मजदूरों की फोटो प्रदर्शित होने से इस तरह की अनियमितताओं की पहचान करना आसान था. इस मामले को प्रभात खबर ने भी प्रमुखता से प्रकाशित किया था. अब ऑनलाइन फोटो नहीं दिखने के कारण निगरानी और सत्यापन की प्रक्रिया प्रभावित होने की बात कही गयी है.
NMMS ऐप में फोटो दिखाने की मांग
मांग की गयी है कि एनएमएमएस ऐप में मजदूरों की उपस्थिति के साथ उनकी फोटो ऑनलाइन प्रदर्शित करने की व्यवस्था दोबारा शुरू की जाए. साथ ही इस संबंध में की गयी कार्रवाई से संबंधित लोगों को अवगत कराने की मांग की गयी है.
