Buxar Road News : पटना-बक्सर राष्ट्रीय राजमार्ग-922 पर रविवार देर शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया, जब अचानक सड़क पर आई नीलगाय को बचाने के दौरान बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई. इस हादसे में बाइक सवार दो युवक बुरी तरह घायल हो गए, जिनमें एक की हालत नाजुक बताई जा रही है और उसे बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है.
घटना बक्सर जिले के बड़का ढकाइच गांव के पास की है, जहां यह हादसा हुआ. घायलों की पहचान डुमरांव निवासी 28 वर्षीय विवेक कुमार और 30 वर्षीय धर्मपाल कुमार के रूप में हुई है. दोनों युवक कृष्णाब्रह्म बाजार से अपने घर लौट रहे थे.
अचानक सामने आई नीलगाय, बिगड़ा संतुलन
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों युवक बाइक से जैसे ही बड़का ढकाइच गांव के समीप पहुंचे, उसी दौरान एक नीलगाय अचानक सड़क पर आ गई. तेज रफ्तार में चल रही बाइक को बचाने के प्रयास में चालक संतुलन खो बैठा. देखते ही देखते बाइक फिसलकर सड़क पर गिर गई और दोनों युवक दूर जा गिरे.
हादसा इतना जबरदस्त था कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई. सड़क पर गिरते ही दोनों युवक दर्द से कराहने लगे.
ग्रामीणों ने दिखाई तत्परता
दुर्घटना की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे. बिना देर किए दोनों घायलों को सड़क से उठाया गया और नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया. स्थानीय लोगों की तत्परता के कारण घायलों को समय पर इलाज मिल सका.
अस्पताल में डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद विवेक कुमार की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया. वहीं धर्मपाल कुमार का इलाज स्थानीय अस्पताल में जारी है और उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है.
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही कृष्णाब्रह्म थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी. पुलिस ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है और आगे की कार्रवाई की जाएगी.
NH-922 पर बढ़ती दुर्घटनाओं को लेकर चिंता
इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली. ग्रामीणों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर अक्सर जंगली जानवरों की आवाजाही बनी रहती है, जिससे इस तरह के हादसे होते रहते हैं.
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि NH-922 पर जंगली जानवरों के प्रवेश को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं. साथ ही सड़क किनारे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की भी जरूरत बताई गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके.
बढ़ता खतरा, जरूरी है ठोस कदम
लगातार हो रही ऐसी घटनाएं यह संकेत देती हैं कि हाईवे पर सुरक्षा इंतजाम अभी भी नाकाफी हैं. अगर समय रहते जरूरी कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसे हादसे और भी बढ़ सकते हैं.
