Buxar News : राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार, नई दिल्ली एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देश पर व्यवहार न्यायालय परिसर, बक्सर में 12 सितंबर 2026 को वर्ष की तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की जायेगी. लोक अदालत में सुलह-समझौते के आधार पर अधिक से अधिक सुलहनीय मामलों का निपटारा कराने को लेकर तैयारी शुरू कर दी गयी है.
थानाध्यक्षों को नोटिस तामील कराने का निर्देश
राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों को लेकर शुक्रवार को विधिक सेवा सदन भवन में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी बक्सर देवेश कुमार ने जिले के सभी थानाध्यक्षों के साथ बैठक की. बैठक में उन्होंने थानाध्यक्षों को लंबित मामलों के दोनों पक्षकारों को समय पर नोटिस तामील कराने का निर्देश दिया.
सुलह-समझौते के लिए पक्षकारों को करें प्रेरित
सीजेएम ने कहा कि व्यवहार न्यायालय, बक्सर में लंबित सुलहनीय मामलों के पक्षकारों को राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलह-समझौते के माध्यम से मामले का निपटारा कराने के लिए प्रेरित किया जाये. इसके लिए संबंधित पक्षकारों को समय से सूचना उपलब्ध कराना जरूरी है.
लोक अदालत से न्यायालय पर कम होगा मुकदमों का बोझ
उन्होंने कहा कि यदि लंबित मामलों के पक्षकारों को समय पर राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में जानकारी देकर सुलह के लिए प्रेरित किया जाये, तो बड़ी संख्या में मामलों का निपटारा संभव होगा. इससे न्यायालय पर लंबित मुकदमों का बोझ भी कम होगा और पक्षकारों को आपसी सहमति से मामलों का त्वरित समाधान मिल सकेगा.
बैठक में थानाध्यक्षों को निर्देश दिया गया कि चिन्हित मामलों में दोनों पक्षों को नोटिस की तामील समय पर कराते हुए उन्हें राष्ट्रीय लोक अदालत में उपस्थित होकर सुलह-समझौते के आधार पर वाद का निष्पादन कराने के लिए प्रेरित करें. मौके पर बक्सर जिले के विभिन्न थानों के थानाध्यक्ष मौजूद रहे.
