Buxar News: जिले के चौसा नगर पंचायत समेत आसपास के ग्रामीण इलाकों में बंदरों के बढ़ते आतंक से आम जनता में भारी दहशत फैल गई है. पिछले 48 घंटों के भीतर अखौरीपुर गोला और सरेंजा गांव में बंदरों के हिंसक हमले में नौ लोग जख्मी हो चुके हैं. अचानक बढ़े हमलों के चलते अभिभावक अपने बच्चों को अकेले स्कूल भेजने से कतरा रहे हैं, वहीं ग्रामीण सड़कों व गलियों में निकलने से डर रहे हैं.
स्कूल में घुसा बंदरों का झुंड, 4 मासूमों को काटकर किया लहूलुहान
ताजा घटना अखौरीपुर गोला स्थित एक निजी विद्यालय की है. स्कूल में कक्षाएं चल रही थीं, तभी अचानक आक्रामक बंदरों का एक झुंड परिसर में घुस आया और बच्चों पर हमला बोल दिया. इस अप्रत्याशित हमले से स्कूल परिसर में चीख-पुकार और अफरातफरी मच गई. शिक्षकों और स्थानीय ग्रामीणों ने लाठी-डंडे लेकर कड़ी मशक्कत के बाद बंदरों को खदेड़ा और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला.
6 वर्षीय बच्ची की हालत गंभीर, सदर अस्पताल रेफर
हमले में घायल सभी बच्चों और ग्रामीणों को आनन-फानन में चौसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया. प्राथमिक उपचार के बाद 6 वर्षीय बच्ची सोनामती कुमारी की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए बक्सर सदर अस्पताल रेफर कर दिया. हमले में जख्मी होने वालों में प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- घायल बच्चे व किशोर: नैना कुमारी (5 वर्ष), शुभम राय (10 वर्ष), सोनामती (6 वर्ष), अर्पिता (7 वर्ष), नारायण कुमार (6 वर्ष, सरेंजा), खुशबू कुमारी (12 वर्ष) और कृष्णा कुमारी (15 वर्ष).
- घायल वयस्क: धनपति सिंह, संतोष सिंह (44 वर्ष) और मीरा बीन (35 वर्ष).
वन विभाग और प्रशासन से बंदरों को पकड़ने की मांग
लगातार हो रहे हमलों से नाराज स्थानीय ग्रामीणों रामप्रकाश सिंह और नितिन कुमार ने प्रशासन से तत्काल रेस्क्यू टीम बुलाकर बंदरों को पकड़ने की मांग की है. लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही वन विभाग ने बंदरों के इस झुंड को काबू में नहीं किया, तो कभी भी कोई बड़ा जानलेवा हादसा हो सकता है.
