Buxar News: बक्सर समाहरणालय परिसर स्थित सभाकक्ष में जिलाध्यक्ष (DM) साहिला की अध्यक्षता में जिला कृषि टास्क फोर्स की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक में अनुपस्थित रहने पर डीएम ने सख्त रुख अपनाते हुए महाप्रबंधक (जिला उद्योग केंद्र) और कार्यपालक अभियंता (विद्युत आपूर्ति प्रमंडल) से जवाब-तलब किया है.
वहीं, चलंत पशु चिकित्सा वैन का अद्यतन प्रतिवेदन प्रस्तुत न करने पर जिला पशुपालन पदाधिकारी और किसानों की शिकायतों का समय पर निवारण न करने पर कार्यपालक अभियंता (विद्युत) को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया.
उर्वरक की कालाबाजारी पर बड़ा एक्शन: 9 दुकानों के लाइसेंस रद्द
बैठक में खाद एवं उर्वरक की उपलब्धता की समीक्षा की गई. डीएम ने निर्देश दिए कि जिले के किसानों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण खाद मिलनी चाहिए. जिले में 366 उर्वरक प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की गई, जिसमें अनियमितता पाए जाने पर 15 दुकानों पर कार्रवाई की गई. इनमें से 9 दुकानों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए, 3 को निलंबित किया गया और 3 से स्पष्टीकरण मांगा गया है. जिला कृषि पदाधिकारी धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि जिले में यूरिया (13982.435 MT), डीएपी (1436.350 MT), एनपीके (5632.200 MT) और एसएसपी (3124.725 MT) पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है.
'आत्मा' के तहत किसानों को मिलेगा अत्याधुनिक प्रशिक्षण
डीएम ने परियोजना निदेशक (आत्मा) को निर्देश दिया कि प्रशिक्षण और एक्सपोजर विजिट (परिभ्रमण) के लिए देश के उत्कृष्ट कृषि संस्थानों से संपर्क किया जाए. प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले किसान अपने अनुभवों को अन्य किसानों के साथ साझा करेंगे, ताकि जिले में अत्याधुनिक खेती को बढ़ावा मिले और किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो सके.
टमाटर सॉस और जैम-जेली उद्योग के लिए मिलेगा ऋण
उद्यान विभाग की समीक्षा करते हुए डीएम ने जिला उद्यान पदाधिकारी को निर्देश दिया कि वे उद्योग विभाग के साथ समन्वय बनाकर टमाटर सॉस, प्यूरी, जैम और जेली जैसे खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing) उद्योग स्थापित करने के लिए किसानों व लाभार्थियों का चयन करें और उन्हें बैंक से ऋण दिलाने में मदद करें.
बैठक में उप विकास आयुक्त, सहायक समाहर्ता, जिला कृषि पदाधिकारी धर्मेंद्र कुमार, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी (DPRO) आलोक नारायण वत्स, जिला उद्यान पदाधिकारी, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, केवीके के वैज्ञानिक, अग्रणी बैंक प्रबंधक (LDM), कार्यपालक अभियंता (लघु सिंचाई) और उप परियोजना निदेशक (आत्मा) सहित कई अधिकारी मौजूद थे.
