Buxar News(सुजीत कुमार ओझा की रिपोर्ट):
डुमरांव नगर परिषद के वार्ड संख्या 17 स्थित महावीर नगर की बदहाल स्थिति ने विकास के दावों की पोल खोलकर रख दी है. हल्की बारिश होते ही मोहल्ले की गलियां घुटने भर पानी से लबालब हो जाती हैं और पूरा इलाका जलजमाव व कीचड़ की चपेट में आ जाता है. हालत ऐसी है कि लोगों का घर से निकलना तक मुश्किल हो जाता है, लेकिन जिम्मेदार विभाग की उदासीनता के कारण समस्या वर्षों से जस की तस बनी हुई है.
नाली निर्माण की मांग
स्थानीय लोगों का आरोप है कि मोहल्ले में आज तक आवागमन के लिए समुचित पक्की सड़क तक नहीं बन सकी है. दो वर्ष पूर्व पीसीसी ढलाई और नाली निर्माण की योजना शुरू की गई थी, लेकिन काम अधूरा छोड़ दिया गया. नतीजा यह है कि बरसात के मौसम में सड़क की जगह कीचड़ और पानी का साम्राज्य दिखाई देता है. मोहल्लावासियों का कहना है कि नगर परिषद कार्यालय में कई बार आवेदन देकर और कार्यपालक पदाधिकारी से मिलकर सड़क एवं नाली निर्माण की मांग की गई, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला. धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.
सड़क निर्माण की योजना पिछले दो वर्षों से अधर में लटकी
लोगों का आरोप है कि विकास योजनाएं फाइलों में दौड़ रही हैं, जबकि जनता बदहाली झेलने को मजबूर है. स्थानीय निवासी मनोज कुमार, संजीव कुमार, मोहन दूबे और रोहित कुमार ने बताया कि नाली और सड़क निर्माण की योजना पिछले दो वर्षों से अधर में लटकी हुई है. बरसात के दिनों में घर से निकलना किसी चुनौती से कम नहीं होता. कई लोग फिसलकर चोटिल हो चुके हैं, लेकिन समस्या के समाधान की दिशा में अब तक कोई गंभीर पहल नहीं की गई.
संज्ञान में आया मामला, निरीक्षण के बाद होगी कार्रवाई: ईओ
इस संबंध में पूछे जाने पर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी राहुलधर दुबे ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में नहीं था. अब शिकायत की जानकारी मिली है. जल्द ही स्थल निरीक्षण कराया जाएगा और आवश्यक कार्रवाई कर समस्या का समाधान करने का प्रयास किया जाएगा.
जनता का सवाल, आखिर कब मिलेगी राहत?
महावीर नगर के लोगों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के साथ वही परेशानी लौट आती है. सवाल यह है कि दो वर्षों से अधूरी पड़ी योजना आखिर कब पूरी होगी और वार्ड 17 के निवासियों को जलजमाव व कीचड़ से मुक्ति कब मिलेगी. विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच महावीर नगर की तस्वीर नगर परिषद की कार्यशैली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है.
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