Maharshi vishwamitra college History Internship: महर्षि विश्वामित्र महाविद्यालय, बक्सर के स्नातकोत्तर इतिहास विभाग में प्रणव चटर्जी महाविद्यालय के स्नातक इतिहास विभाग, सेमेस्टर-5 के छात्र-छात्राओं के इंटर्नशिप कार्यक्रम का समीक्षा एवं समापन सत्र आयोजित किया गया. कार्यक्रम के अंतिम दिन विद्यार्थियों द्वारा इंटर्नशिप के दौरान किए गए कार्यों और प्रोजेक्ट की समीक्षा की गई. इसके बाद सभी छात्र-छात्राओं को सीताराम उपाध्याय संग्रहालय, बक्सर का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया.
विद्यार्थियों को दी गई ऐतिहासिक धरोहरों की जानकारी
संग्रहालय भ्रमण के दौरान संग्रहालय की निदेशिका श्रीमती सुधा सिंह ने विद्यार्थियों को संरक्षित पुरातात्विक सामग्रियों, ऐतिहासिक धरोहरों और बक्सर की समृद्ध विरासत की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने विद्यार्थियों को पुरातात्विक स्रोतों के महत्व और उनके संरक्षण की आवश्यकता के बारे में भी बताया.
सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ता है इंटर्नशिप
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. कृष्णा कांत सिंह ने कहा कि इंटर्नशिप विद्यार्थियों को कक्षा में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती है. विशेष रूप से इतिहास के विद्यार्थियों के लिए संग्रहालय और ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण काफी उपयोगी है. इससे विद्यार्थी ऐतिहासिक स्रोतों को प्रत्यक्ष रूप से देखकर और समझकर विषय का बेहतर अध्ययन कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि महाविद्यालय ऐसे शैक्षणिक और शोधपरक कार्यक्रमों को लगातार प्रोत्साहित करता रहेगा.
क्षेत्रीय अध्ययन से विकसित होता है वैज्ञानिक दृष्टिकोण
स्नातकोत्तर इतिहास विभाग के अध्यक्ष डॉ. वीरेन्द्र कुमार और डॉ. नवीन शंकर पाठक ने इंटर्नशिप और प्रोजेक्ट कार्य के विभिन्न पहलुओं पर व्याख्यान दिया. उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय अध्ययन और स्रोत आधारित शोध विद्यार्थियों में इतिहास के प्रति वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने में सहायक है.
144 छात्र-छात्राएं हुए शामिल
कार्यक्रम के अंत में विभाग की ओर से छात्र-छात्राओं को सक्रिय सहभागिता के लिए धन्यवाद दिया गया और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं. कार्यक्रम में विभाग के शिक्षक और कर्मचारी सहित इंटर्नशिप में शामिल कुल 144 छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे.
