Buxar Paddy Transplantation : लंबे समय से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस के बीच शुक्रवार को हुई हल्की बारिश ने डुमरांव क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत दी है. खासकर किसानों के चेहरे इस बारिश के बाद खिल उठे हैं. किसान सलाहकार दिलीप कुमार शर्मा के अनुसार गुरुवार की शाम से शुक्रवार सुबह 8 बजे तक कुल 38.8 मिमी बारिश दर्ज की गई है. हालांकि यह बारिश हल्की और कई जगहों पर छिटपुट रही, फिर भी खेती के लिहाज से इसे काफी उपयोगी माना जा रहा है.
बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और मौसम सुहावना हो गया है. पिछले कई दिनों से गर्मी से परेशान लोगों को थोड़ी राहत मिली है. ग्रामीणों का कहना है कि उमस भरी गर्मी के कारण दिन-रात मुश्किल हो गया था, लेकिन बारिश के बाद रात में अच्छी नींद आई.
Buxar News : धान की रोपनी को मिला सहारा
इस समय धान की रोपनी का सीजन चल रहा है. ऐसे में खेतों में नमी की सख्त जरूरत होती है. बारिश के बाद खेतों में पानी और नमी बढ़ी है, जिससे किसानों को रोपनी के काम में आसानी हो रही है. किसानों का कहना है कि अब वे तेजी से रोपनी का काम पूरा कर सकेंगे.
कई किसानों ने बताया कि अगर इसी तरह कुछ और दिन अच्छी बारिश हो जाए तो धान की फसल के लिए स्थिति और बेहतर हो सकती है. फिलहाल यह बारिश शुरुआत के तौर पर राहत देने वाली है.
Buxar Farmer : सब्जी उत्पादकों को भी मिला फायदा
केवल धान ही नहीं, बल्कि सब्जी की खेती करने वाले किसानों को भी इस बारिश से लाभ मिला है. खेतों में नमी आने से सब्जियों की बुवाई और देखभाल में आसानी होगी. इससे आने वाले दिनों में उत्पादन पर सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है.
अभी और बारिश की जरूरत
हालांकि किसानों का कहना है कि यह बारिश पर्याप्त नहीं है. अच्छी खेती के लिए झमाझम और लगातार बारिश की जरूरत होती है, जो अभी तक नहीं हुई है. अगर आने वाले दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई, तो फसलों पर असर पड़ सकता है.
लोगों को गर्मी से मिली राहत
लगातार पड़ रही तेज गर्मी और उमस से आम लोग भी परेशान थे. बारिश के बाद मौसम ठंडा हुआ है और वातावरण में ताजगी महसूस की जा रही है. हालांकि कुछ इलाकों में बारिश बहुत हल्की रही, लेकिन फिर भी लोगों ने इसे राहत भरा माना.
डुमरांव क्षेत्र में हुई यह बारिश भले ही हल्की रही हो, लेकिन इससे किसानों और आम लोगों को काफी राहत मिली है. अब सबकी नजरें आने वाले दिनों के मौसम पर टिकी हैं. यदि अच्छी बारिश होती है, तो खेती के लिए स्थिति और बेहतर होगी, वहीं अगर बारिश नहीं हुई तो किसानों की चिंता फिर बढ़ सकती है. फिलहाल यह बारिश उम्मीद की एक नई किरण लेकर आई है.
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