Buxar News: पांच अंचलों की 11 पंचायतों के 22 गांवों में जन जीवन तबाह

जिले में गंगा का जलस्तर बढ़ने का सिलसिला जारी है. हालांकि जलस्तर बढ़ने की रफ्तार में कमी आ गई है. जिससे राहत की उम्मीद जगी है.

बक्सर .

जिले में गंगा का जलस्तर बढ़ने का सिलसिला जारी है. हालांकि जलस्तर बढ़ने की रफ्तार में कमी आ गई है. जिससे राहत की उम्मीद जगी है. पिछले चौबीस घंटों में तकरीबन 10 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी के साथ मंगलवार की शाम 06 बजे गंगा का जलस्तर 60.81 मीटर दर्ज की गई. जो खतरे के निशान से 49 मीटर अधिक है.

जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी से तबाही का मंजर जारी है. शहर के निचले इलाकों से लेकर चौसा व बक्सर प्रखंड के अलावा दियार दियारा के प्रभावित क्षेत्रों में जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है.

सदर प्रखंड के अलावा चौसा, सिमरी, चक्की, ब्रह्मपुर व आंशिक रूप से इटाढ़ी प्रखंड प्रभावित हैं. गंगा के दबाव से ठोरा नदी में आये उफान के कारण सदर प्रखंड की छोटका नुआंव पंचायत के गोविंदपुर, पुलियां, हरिपुर, मिलिकियां, ठोरा तथा करहंसी पंचायत की लरई, करहंसी, कोड़रवां, जरिगांवा का कुदरतीपुर समेत दर्जन भर गांवों का सड़क संपर्क भंग हो गया है और लोगों के आवागमन हेतु नाव का सहारा लेना पड़ रहा है. इसी तरह इटाढ़ी प्रखंड के इटाढ़ी- अतरौना पथ पर पानी चढ़ने से आवागमन प्रभावित हो गया है. खेतों में लगी धान की सफल भी डूब गई हैं. जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है.

शहर का निचले मुहल्लों में घुसा बाढ़ का पानीबाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों की सांसें अटक गई हैं तथा फसल बर्बादी व पशु चारा आदि की चिंता सताने लगी है. इधर नालों के सहारे बक्सर शहर के निचले हिस्सों में भी पानी प्रवेश कर गया है. रामरेखाघाट समेत अन्य घाटों की सीढ़ियां डूब गई हैं और पानी की तेज बहाव के कारण स्नान करना खतरनाक हो गया है. धोबीघाट मुहल्ला में भी रोड पर पानी चढ़ गया है, वही चरित्रवन के श्मशान घाट स्थित मुक्ति धाम पूरी तरह जलमग्न होने से शव दाह के लिए जमीन नहीं है. ऐसे में पानी में चलकर लाश के अंतिम संस्कार हेतु शेडनुमा शव दाह गृह में जाना पड़ रहा है. छूमंतर गली में पानी बह रहा है. इससे आसपास के घरों में पानी प्रवेश कर गया है.

बाढ़ का जायजा लेने डीएम व एसपी पहुंचे उमरपुर

गंगा नदी में बढ़ते जलस्तर के मद्देनजर बाढ़ का जायजा लेने के लिए जिला पदाधिकारी डॉ विद्यानंद सिंह एवं पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य सदर प्रखंड के उमरपुर गांव पहुंचे. इस दौरान वे गांगा के रौद्र रुप को देखे तथा बक्सर कोइलवर तटबंध का निरीक्षण किए.

इस क्रम में डीएम द्वारा बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को बांध के आस पास हो रहे कटाव का जायजा लेकर तत्काल मरम्मत एवं सैंड बैग डलवाने की हिदायत दी गई. वही बाढ़ के खतरे को देखते हुए नियमित रूप से तटबंधों का पेट्रोलिंग कराने को निर्देश दिए गए. एसपी द्वारा संबंधित क्षेत्र के चौकीदारों से तटबंध की निगरानी कराने की जवाबदेही थानाध्यक्षों को दी गई. बाढ़ के दौरान पशुओं में होने वाली संभावित बीमारी से बचाव हेतु सभी प्रकार के जीवन रक्षक दवा पर्याप्त मात्रा में भंडारण करने तथा सभी भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारियों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नियमित रूप से भ्रमणशील रहकर बीमार पशुओं के उपचार हेतु जिला पशुपालन पदाधिकारी को नसीहत दी गई. निरीक्षण के क्रम में अपर समाहर्ता, जिला पशुपालन पदाधिकारी, सदर अनुमंडल पदाधिकारी, आपदा शाखा के प्रभारी पदाधिकारी, बाढ़ नियंत्रण के कार्यपालक अभियंता के अलावा सदर अंचल पदाधिकारी बक्सर एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे.

बाढ़ से कुल 22 गांव प्रभावितजिला प्रशासन की ओर से जारी सूचना में दावा किया गया है कि जिले के विभिन्न प्रखंडों के कुल 22 गांव प्रभावित है. जिसमें बक्सर अंचल की दो पंचायत भी शामिल हैं. प्रभावित गांवों में छोटका नुआंव पंचायत के गोविंदपुर, मिल्किया तथा करहंसी पंचायत के योगियां व लरई गांव शामिल हैं. इसके लिए वहां कुल 03 नाव व 265 शीट्स पॉलिथीन मुहैया कराये गए हैं. चौसा अंचल की कुल दो पंचायतें आंशिक रूप से प्रभावित है. जिनमें बनारपुर पंचायत के बनारपुर व सिकरौल के सिकरौल गांव हैं. जहां कुल 04 नावों का परिचालन हो रहा है. इसी तरह सिमरी अंचल की कुल पांच पंचायतों में गंगौली के गंगौली व श्रीकांत राय के डेरा, राजापुर के रामदास राय के डेरा, बेनीलाल के डेरा व लक्ष्मी शंकर के डेरा, राजपुर परसनपाह पंचायत के तवकल राय के डेरा, नियाजीपुर पंचायत के लाल सिंह के डेरा, सूचित के डेरा, एकमन के डेरा, कोयलावीर बाबा के डेरा, दली के डेरा आदि गांव, राजपुर कलां पंचायत के बड़का राजपुर, तिलक राय के हाता प्रभावित है. इन सभी गांवों के लिए कुल 12 नावों का परिचालन किया जा रहा है. ब्रह्मपुर अंचल की एकमात्र पंचायत उतरी नैनीजोर के प्रभावित गांव ढ़ाबी व गजाधर डेरा के लिए कुल 06 नाव मुहैया कराई गई हैं. जबकि चक्की अंचल की प्रभावित एक पंचायत के जवही दियर गांव के वार्ड 06 एवं 07 में 04 नावों का परिचालन किया जा रहा है. इटाढ़ी अंचल अनर्गत बाढ़ की स्थिति सामान्य है. इस तरह बाढ़ प्रभावित कुल 05 अंचल क्षेत्रों की 11 पंचायतों के 22 गांवों हेतु कुल 29 नाव उपलब्ध कराए गए हैं.

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