राजपुर (बक्सर) से पंकज कमल की रिपोर्ट
Buxar News : राजपुर प्रखंड कार्यालय में खरवार जाति का प्रमाण पत्र नहीं बनने से नाराज खरवार समुदाय के युवाओं एवं ग्रामीणों ने सरकार तथा स्थानीय प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया. विभिन्न गांवों से पहुंचे लोगों ने आरोप लगाया कि जिले के अन्य प्रखंडों में प्रमाण पत्र निर्बाध रूप से बनाए जा रहे हैं, जबकि राजपुर प्रखंड में उन्हें लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
कई सप्ताह से लगा रहे अंचल कार्यालय की चक्कर
युवाओं का कहना है कि वे पिछले कई सप्ताह से अंचल कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन ऑनलाइन आवेदन करने के बावजूद उनके आवेदनों को बिना किसी स्पष्ट कारण के रिजेक्ट कर दिया जा रहा है. इसके चलते वे सरकारी नौकरियों एवं शैक्षणिक संस्थानों में मिलने वाले आरक्षण लाभ से वंचित हो रहे हैं, जिससे उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है.
शिविर में भी दिया था आवेदन, लेकिन अब तक समाधान नहीं
मामले की गंभीरता को देखते हुए खीरी पंचायत के भगवानपुर निवासी मनीष खरवार, अकबरपुर पंचायत के महादेवपुर निवासी जयचंद्र खरवार, करमा गांव के रितेश खरवार तथा कैथहर कला के राजेंद्र खरवार एवं वीरेंद्र खरवार सहित अन्य लोगों ने बताया कि सरकार के निर्देश पर करमा गांव में आयोजित ‘अनुसूचित जनजाति शिविर’ में भी उन्होंने आवेदन दिया था, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
इस संबंध में बताया गया कि जिलाधिकारी का पत्र भी जारी हो चुका है. पीड़ित युवाओं ने राजपुर अंचलाधिकारी डॉ. शोभा कुमारी से मुलाकात कर अपनी शिकायत दर्ज कराई.
मामला न्यायालय में लंबित है, इसलिए हो रही परेशानी
सीओ डॉ. शोभा कुमारी ने बताया कि इस मामले से संबंधित एक याचिका उच्च न्यायालय में लंबित है, जिसके कारण फिलहाल विभाग से कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि न्यायालय के आदेश के आलोक में ही आगे की कार्रवाई संभव होगी, इसलिए तकनीकी एवं कानूनी कारणों से प्रमाण पत्र निर्गत करने में परेशानी आ रही है.
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